कृषि में प्रौद्योगिकी द्वारा किसानों की आय में दुगुनी वृद्धि संभवः प्रो. राठौड़


कृषि में प्रौद्योगिकी द्वारा किसानों की आय में दुगुनी वृद्धि संभवः प्रो. राठौड़

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के तत्वावधान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘‘ कृषि में प्रौद्योगिकी के द्वारा किसानों की आय में दुगुनी वृद्धि’’ का आयोजन अनुसंधान निदेशालय, उदयपुर द्वारा 7 से 27 सितम्बर, 2018 तक किया जा रहा है।

 

कृषि में प्रौद्योगिकी द्वारा किसानों की आय में दुगुनी वृद्धि संभवः प्रो. राठौड़

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के तत्वावधान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘‘ कृषि में प्रौद्योगिकी के द्वारा किसानों की आय में दुगुनी वृद्धि’’ का आयोजन अनुसंधान निदेशालय, उदयपुर द्वारा 7 से 27 सितम्बर, 2018 तक किया जा रहा है।

मुख्य अतिथि प्रो. नरेन्द्र सिंह राठौड़, उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत सरकार किसानों की आय को दुगुनी करने के लिए भविष्य में अनेक परियोजनाओं का शुभारम्भ करने की योजना पर कार्य कर रही है ताकि वर्ष 2022 तक किसान भाईयों को कृषि से दुगुनी आय प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि कृषि के विभिन्न आयामों जैसे कि उत्तम कृषि पद्धतियां, आनुधिक कृषि प्रौद्योगिकी, समन्वित कृषि प्रणाली, खाद्य प्रसंस्करण एवं विकसित व्यापारिक लेन देन द्वारा फसल का उचित मूल्यांकन को अपनाकर किसानों की आय को दुगुना किया जा सकता है।

Click here to Download the UT App समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्रो. उमाशंकर शर्मा कुलपति, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज हमारे देश कृषि के सभी क्षेत्रों में उत्पादन वृद्धि हुई लेकिन हमारे देश के किसानों की स्थिति में आय के हिसाब से किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई जो कि हम सभी के लिए एक चिंता का विषय है। आज देश के कृषि वैज्ञानिक किसानों की आय को दुगुना करने के लिए प्रयासरत है हालांकि यह कार्य एक चुनौतीपूर्ण है। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने इस हेतु राज्य स्तरीय नीतियां बनाकर भारत सरकार को प्रस्तुत किया है ताकि इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

अधिष्ठाता, आर.सी.ए. डाॅ. अरूणाभ जोशी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर की कार्ययोजना प्रस्तुत की। डाॅ. जे. एल. चौधरी, प्रशिक्षण निदेशक ने बताया कि इस 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के आठ राज्यों (गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आसाम, नागालैंड, बिहार, जम्मू कश्मीर एवं राजस्थान की 19 विभिन्न संस्थानों के 27 वैज्ञानिक भाग ले रहे है। इस 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मे विषय विशेषज्ञों के द्वारा व्याख्यान, प्रायोगिक कार्यशाला तथा किसानों के खेतों का फील्ड भ्रमण भी आयोजित किया जायेगा। समारोह का संचालन डाॅ. रेखा व्यास तथा धन्यवाद की रस्म डाॅ. राम हरि मीणा ने किया।

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