स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 को लेकर हुआ मंथन
नगर निकाय क्षेत्रों में स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला मंगलवार को शहर के एक निजी होटल में आयोजित हुई। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि राजस्थान ने ओडीएफ का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही प्राप्त कर लिया हैं, यह हमारे लिए विशेष उपलब्धि है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन से जुडे़ समस्त जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें आगे भी मिशन से जुड़े कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता एवं समन्वय के साथ सम्पादित करने की बात कही।

नगर निकाय क्षेत्रों में स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला मंगलवार को शहर के एक निजी होटल में आयोजित हुई। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि राजस्थान ने ओडीएफ का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही प्राप्त कर लिया हैं, यह हमारे लिए विशेष उपलब्धि है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन से जुडे़ समस्त जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें आगे भी मिशन से जुड़े कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता एवं समन्वय के साथ सम्पादित करने की बात कही।
श्री कृपलानी ने कहा कि स्वच्छता की निरंतरता को बनाए रखने के लिए इस प्रकार की कार्यशालाओं की महती आवश्यकता है। उन्होंने पूर्व में हुई कार्यशालाओं को भी अभियान के लिए सार्थक बताया और कहा कि आज की इस कार्यशाला से समस्त जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को नवाचार के साथ नई दिशा मिलेगी। उन्होंने शहरी निकायों में हो रहे डोर टू डोर कचरा संग्रहण, वेस्ट टू एनजी आदि कार्यों के बारे में भी बताया।
स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक व केन्द्रीय आवास व शहरी कार्यमंत्रालय के संयुक्त सचिव वी.के.जिन्दल ने 2018 में हुए सर्वेक्षण की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राजस्थान 2018 की स्वच्छता रैंकिंग में प्रगति के साथ अग्रणी राज्यों में शुमार रहा है और वर्तमान में पूरा राजस्थान ओडीएफ घोषित हो चुका है और 2019 में अपनी रैंकिंग को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राजस्थान इस दिशा में तीव्रता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 को लेकर भारत सरकार के स्वच्छता मंत्रालय की ओर से प्रोटोकाॅल जारी कर दिया है और इसकी पहली कार्यशाला आज उदयपुर में आयोजित हुई है।
इस बार 5000 की होगी मार्किंग
उन्होंने कहा कि 2019 के इस सर्वेक्षण में सबसे बड़ी बात यह है कि पिछला सर्वेक्षण 4000 नंबर था लेकिन यह सर्वेक्षण 5000 नंबर को होगा जिसमें 20 प्रतिशत अथवा 1000 नंबर स्टार रैंकिंग तथा 5 प्रतिशत अंक ओडीएफ प्लस व ओडीएफ प्लस-प्लस के होंगे।
टेक्नोलाॅजी की भूमिका रहेगी अहम
उन्होंने बताया कि इस बार के सर्वेक्षण में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा टेक्नोलाॅजी का रहेगा। सारे रिकाॅड्र्स, दस्तावेज व सिस्टम एवं प्रक्रिया आॅनलाइन रहेगी और इसके पश्चात वेरिकेफशन के लिए एक टीम बिना किसी सूचना के आकस्मिक निरीक्षण के लिए आएगी एवं रिपोर्ट तैयार करेंगी और इसी रिपोर्ट के आधार पर स्वच्छता रैंकिग की जाएगी।
साॅलिड वेस्ट के साथ उचित प्रबंधन महत्वपूर्ण
स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक पवन अरोड़ा़ ने 2018 के सर्वेक्षण की उपलब्धियों से अवगत कराते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की कार्ययोजना के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजस्थान ओडीएफ लक्ष्य को प्राप्त कर शीघ्रता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के सभी शहरी निकायों मंें स्वच्छता के निर्धारित मापदण्डों के आधार पर कार्य किया जा रहा है। 2019 के सर्वेक्षण के लिए राजस्थान को साॅलिड वेस्ट के साथ किए गये कार्यो का उचित प्रबंधन करते हुए आगे बढ़ना होगा जिससे देश के 10 प्रमुख शहरों में राजस्थान के 2 या 3 शहर भी शामिल हो सके।
उत्कृष्ट प्रदर्शनकताओं को किया सम्मानित
स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले नगर निकायों को मंत्री कृपलानी ने कार्यशाला के दौरान सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के अग्रिम 10 शहरी निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं कमीश्नर या कार्यकारी अधिकारियों को सम्मानित किया गया। उदयपुर के मेयर चन्द्रसिंह कोठारी ने राष्ट्रीय स्तर पर उदयपुर को 85वीं रैंक हासिल होने पर मिलने वाला सम्मान ग्रहण किया। जयपुर, कोटा, अजमेर, पाली, भीलवाडा, हनुमानगढ़, टोंक, चुरू, झुंझुनू को भी इस श्रेणी में सम्मान मिला।
ठसके अलावा जोनल स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 10 शहरी निकायों, मिशन निदेशालय के अधिकारियों, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इकाई एवं जयपुर, उदयपुर, कोटा व अजमेर के स्थानीय निकाय विभाग के उपनिदेशकों को भी श्रेष्ठता सम्मान प्रदान किया गया।
