शिल्पग्राम में कल्चरल इवेंट की तीन दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला शुरु

शिल्पग्राम के संगम सभागार में कल्चरल इवेंट की तीन दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला शुक्रवार को शुरू हुई। उद्घाटन समारोह में ख्यातनाम एवं क्रिएटिव फोटोग्राफर शिरीष कराले ने कहा कि कल्चरल इवेंट्स को कैमरे में कैद करना एक कलात्मक कार्य होता है जिसके लिए फोटो ग्राफर को अपनी एक नई दृष्टि विकसित करनी होती है जो उसके कैरियर को ऊंचाई पर ले जाती है।

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शिल्पग्राम में कल्चरल इवेंट की तीन दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला शुरु

शिल्पग्राम के संगम सभागार में कल्चरल इवेंट की तीन दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला शुक्रवार को शुरू हुई। उद्घाटन समारोह में ख्यातनाम एवं क्रिएटिव फोटोग्राफर शिरीष कराले ने कहा कि कल्चरल इवेंट्स को कैमरे में कैद करना एक कलात्मक कार्य होता है जिसके लिए फोटो ग्राफर को अपनी एक नई दृष्टि विकसित करनी होती है जो उसके कैरियर को ऊंचाई पर ले जाती है।

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से यह कार्यशाला मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के साझे में आयोजित की जा रही है।उद्घाटन अवसर पर पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने कहा कि केंद्र की ओर से इस तरह की विभिन्न गतिविधियां समय-समय पर आयोजित की जाती है और इसी क्रम में शिरीष कराले की उपस्थिति उदयपुर में फोटोग्राफी सीखने के इच्छुक लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। केंद्र के सहायक निदेशक सुधांशु सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए फ़ोटोग्राफी की विकास यात्रा की चर्चा करते हुए नई पीढ़ी को तकनीक से जुड़ने की बात कही।

पत्रकारिता विभाग के प्रभारी डॉ कुंजन आचार्य ने उद्घाटन सत्र में पधारे सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि एक चित्र हज़ार शब्दों के बराबर होता है। कल्चरल रिपोर्टर को इवेंट से जुड़े फ़ोटो के बारेके गहरी समझ होनी चाहिए ताकि पाठक और दर्शक को इवेंट से सीड जोड़ा जा सके। कार्यशाला के पहले दिन शिरीष कराले ने विभिन्न सत्रो में पोट्रेट फोटोग्राफी के लिए तकनीकी तौर पर किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए उस पर विस्तार से चर्चा की एवं प्रतिभागियों से प्रायोगिक कार्य करवाया।

शिल्पग्राम में कल्चरल इवेंट की तीन दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला शुरु

वर्कशॉप में शिरीष कराले ने दोपहर बाद के सत्र में देश- दुनिया के ख्यात फोटोग्राफर्स और उनके दमदार काम दिखाए। वहीं, प्रोडक्ट और पोर्ट्रेट, डाक्यूमेंट्री, कैमरा इक्विपमेंट, एडवरटाइजिंग शूट्स, इनडोर- आउटडोर लाइटिंग आदि स्लाइड्स शो के माध्यम से अवगत कराए। इसके अलावा एक फोटोग्राफर के गुण और उनकी क्वालिटी पर चर्चा करते एक सफल फोटोग्राफर के काम करने के तरीके भी बताए।

साथ ही फोटो फीचर, फोटो स्टोरी और फोटो कैप्शन, कम और सस्ते संसाधन से बेहतर रिजल्ट, अच्छी फोटो के लिए वेदर कंडीशन और बेटर लोकेशन, उद्देश्य परक शूटिंग, कम्पोज़िशन पर इंटरेक्टिव सेशंस भी आयोजित किये। इस दौरान प्रतिभागियों ने डिफरेंट फेस्टिवल्स शूटिंग और फोटोग्राफी के शेप्स, कलर्स एंड पैटर्न्स जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञों से जानकारी ली।

शिल्पग्राम में कल्चरल इवेंट की तीन दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला शुरु

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