तीन दिवसीय ’वाह जिंदगी वाह’ कार्यक्रम टाउनहाॅल में प्रारम्भ

मुंबई से आये वर्ल्ड रिकाॅर्ड होल्डर पेशे से इंजीनियर ब्रह्मकुमार ई व्ही.स्वामीनाथन ने जीवन में हर पल खुश रहने का सबसे बड़़ा सूत्र जापान के मेनेजमेन्ट काईज़न का हवाला देते हुए कहा कि छोटी-छोटी खुशियां सभी को बांटते रहना चाहिये बदले में आपकी झोली खुशियों से इतनी भर जायेगी जितनी की आपने कल्पना भी नहीं की होगी।

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तीन दिवसीय ’वाह जिंदगी वाह’ कार्यक्रम टाउनहाॅल में प्रारम्भ

मुंबई से आये वर्ल्ड रिकाॅर्ड होल्डर पेशे से इंजीनियर ब्रह्मकुमार ई व्ही.स्वामीनाथन ने जीवन में हर पल खुश रहने का सबसे बड़़ा सूत्र जापान के मेनेजमेन्ट काईज़न का हवाला देते हुए कहा कि छोटी-छोटी खुशियां सभी को बांटते रहना चाहिये बदले में आपकी झोली खुशियों से इतनी भर जायेगी जितनी की आपने कल्पना भी नहीं की होगी।

वे आज ब्रह्मकुमारीज़ की ओर से आमजन को खुशियां देने के लिये आयोजित तीन दिवसीय वाह जिदंगी वाह कार्यक्रम के प्रथम दिन प्रथम सेशन में बोल रहे थे। उन्होेंने कहा कि अपनी जिदंगी को खुशनुमा बनाने के लिये हर दिन इसकी खोज में लगे रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि शांति एक तकनीक है जिससे हम शक्तिशाली बनते है।

राजयोग एक ज्योतिष विज्ञान – राजयोग एक विज्ञान है। चेहरा हमारे मन का दर्पण होता है। हमें हाथों की लकीरों पर विश्वास नहीं करना चाहिये क्योंकि जिसके हाथ नहीं होते है, भाग्य उसका भी होता है और भाग्य सोच से बनता है। जीवन में छोटे-छोटे परिवर्तन करते रहना चाहिये क्येांकि वे ही परिवर्तन जीवन में आगे चलकर बहुत बड़ा परिवर्तन करते है।

स्वामीनाथन ने कहा कि राजयोग से हम स्वास्थ्य, मन प्रबन्धन, संबंध, क्रोध प्रबंधन एवं एकाग्रता के प्रबंधन से हम अपने जीवन को खुशहाल बना सकते है। तनाव कैंसर के विभिन्न कारणों में से एक है। इस पर खोज जारी है। आध्यात्मिक रूप से भले ही हम कह सकते है कि कैंसर होने के पीछे उसके कर्मो का हाथ रहा। जीवन में मन का प्रबंधन बहुत आवश्यक है।

मुंबई में शादी के प्रथम वर्ष में ही 50 प्रतिशत हो रहे तलाक – उन्होंने कहा कि बढ़ते तनाव एवं आज के युवाओं में समाप्त होती जा रही सहनशक्ति के कारण अकेले मुबंई में शादी के प्रथम वर्ष में ही 50 प्रतिशत नवदम्पत्ति में तलाक हो रहे जो चिंताजनक है। आपसी संबंधों में दूरियां बढ़ती जा रही है। आज बच्चों को किसी का कुछ सुनना तक सहन नहीं होता है। उन्होंने कहा कि क्रोध को नियंत्रित करने के लिये मन में संवेदना होनी आवश्यक है।

मन एवं बुद्धि का मिश्रण एकाग्रता – स्वामीनाथन ने कहा कि जब तक हम मन एवं बुद्धि का उपयोग नही करेंगे तब तक एकाग्रता नहीं आयेगी।

मोबाईल बनेगा सबसे बुरी आदत – आने वाले समय में बच्चों के हाथों में हर समय रहने वाला मोबाईल एक बुरी लत के रूप में सामने आयेगा। यदि इस लत को अभी नही रोका गया तो आगे भंयकर दुष्परिणाम देखने को मिलेंगे। स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर हमेशा स्वस्थ रहने का प्रयास करना चाहिये।

पुलिस पेरामिलेट्री एवं मिलेट्री में सर्वाधिक तनाव – उन्होंने कहा कि पुलिस, पेरा मिलेट्री एवं मिलेट्री में सर्वाधिक तनाव देखने को मिल रहा है। ये तीनों जाॅब ऐसे है जिसमें 24 घंटे चौकन्ना रहने की जरूरत है और वह जरूरत तनाव उत्पन्न कर रही है। जो भी कार्य करें आनन्द के साथ करें कभी तनाव नहीं होगा।

इस अवसर पर टीवी एवं बाॅलीवुड कलाकार शालिनी चन्द्रन ने कहा कि उन्होंने 11 वर्षो तक फिल्मों एवं टीवी में काम किया लेकिन जब उन्हें लगा कि गलत आईडेन्टिफाई में मैं जी रही हूं तो तत्काल उस इन्डस्ट्रीज को छोड़कर ब्रहमकुमारिज़ वि.वि. चली आयी और आज यहाँ एक कौंसलर की भूमिका निभा रही हूं। मैने यंहा आने के बाद महसूस किया कि मैं आत्मा हूं और परमात्मा के काफी करीब हूं और यह बहुत बड़ा खजाना है जिसे मैंने पाने का प्रयास किया है।

प्रारम्भ उदयपुर शाखा की रीटा दीदी ने प्रथम दिन के अतिथि वन्डर सीमेन्ट के परमानन्द पाटीदार एवं सीनियर सीएफओ जयदीप शाह का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हमें प्रतिदिन जिदंगी जीने का तरीका खेाजना चाहिये और उसका तरीका ब्रह्मकुमारीज़ वि.वि. में मिलेगा। प्रथम दिन कक्षा 10 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिये विशेष सेशन आयोजित किया गया। शाम को दूसरा सत्र आयोजित किया गया।

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