बालोतरा में मिला दुर्लभ खनिजों का खजाना, भारत की रक्षा और EV सेक्टर को बड़ा फायदा
Udaipur Times, Balotra mining news: 24 मई 2026 । पश्चिम राजस्थान का बालोतरा जिला रिफाइनरी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना से देश की ऊर्जा सुरक्षा के साथ सामरिक और आर्थिक सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाने जा रहा है। यहां सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में दुर्लभ खनिजों का ऐसा भंडार मिला है, जो भारत को रॉकेट से लेकर न्यूक्लियर प्लांट्स का कच्चा माल उपलब्ध करवाने और देश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में सहायक होगा। Siwana Ring Complex rare earth elements
केन्द्रीय खान मंत्रालय की टेक्निकल कम कॉस्ट कमिटीज की संयुक्त बैठक में सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में मौजूद दुर्लभ खनिजों के भंडार को रेखांकित किया है। हाल ही में आयोजित इस बैठक में बताया गया कि कॉम्प्लेक्स के तीन भागों में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरईई), हैवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स (एचआरईई) और क्रिटिकल रेयर मेटल्स का विशाल भंडार मिला है। इन ब्लॉक्स के तकनीकी मूल्यांकन के लिए तीन कंपनियों को कार्य भी आवंटित कर दिया गया है। Balotra rare mineral discovery
सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स एक ज्वालामुखी कुंड है, जो 750 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस कॉम्प्लेक्स के सर्वेक्षण में नियोबियम, जिरकोनियम और हाफनियम जैसे रेयर अर्थ एलिमेंट्स पाए गए हैं। इन एलिमेंट्स का उपयोग एयरोस्पेस इंजन के लिए सुपरअलॉय मेटेरियल के साथ ही चिकित्सा तथा वैज्ञानिक उपकरणों में उपयोग होने वाले सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट में किया जाता है। Rajasthan rare earth elements
वहीं, परमाणु रिएक्टर, इलेक्ट्रिक कार, मिसाइल तकनीक, रोबोटिक्स, माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स और रासायनिक प्रसंस्करण में इन दुर्लभ खनिज का इस्तेमाल किया जाता है। यह इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और अन्य हाई-एंड तकनीकों के प्रयोग में लिए जाते हैं। इस प्रकार, ये रेयर अर्थ एलिमेंट्स देश की सामरिक सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
दुर्लभ खनिजों की खोज और अनुसंधान को बढ़ावा देने में राजस्थान अग्रसर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स एवं सिवाना ग्रेनाइट में रेयरअर्थ एलिमेंट एवं हेवी रेयरअर्थ एलिमेंट उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। वहीं, इस संबंध में खान विभाग एवं संबंधित जिला कलक्टर केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक करें, जिससे काम में तेजी आ सके। Heavy rare earth elements India
वहीं, राज्य सरकार रेयर अर्थ एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना भी कर रही है। यह केंद्र दुर्लभ खनिजों के अनुसंधान, नवाचार और रणनीतिक विकास में महती भूमिका निभाएगा। इसी के साथ, राज्य सरकार भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, एटॉमिक, मिनरल्स डॉयरेक्टरेट फॉर एक्सप्लोरेशन एवं रिसर्च आईआईटी हैदराबाद और आईआईटी आईएसएम धनबाद के साथ साझेदारी कर ऐसे खनिजों की खोज और अनुसंधान को नई गति प्रदान कर रही है। Balotra mining news
उल्लेखनीय है कि देश में स्वच्छ ऊर्जा एवं उन्नत प्रौद्योगिकियों को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से केन्द्र सरकार ने नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन (एनसीएमएम) की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और तकनीकी स्वतंत्रता को मजबूत करने के लिए रणनीतिक योजना बनाई गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों को शक्ति देने वाले लिथियम से लेकर रक्षा प्रणालियों के लिए महत्वपूर्ण दुर्लभ खनिजों की खोज इस मिशन के महत्वपूर्ण अंग हैं। इस मिशन का लक्ष्य हरित अर्थव्यवस्था में भारत को एक वैश्विक प्लेयर के रूप में स्थापित करना है।
