दो दिवसीय डिजिटलाईजेशन एण्ड ई-गवर्नेंस इन माइनिंग इण्डस्ट्री“ विषयक संगोष्ठी प्रारम्भ


दो दिवसीय डिजिटलाईजेशन एण्ड ई-गवर्नेंस इन माइनिंग इण्डस्ट्री“ विषयक संगोष्ठी प्रारम्भ

उदयपुर, 22 जून 2019। माइनिंग इन्जिनियर्स एसोसिएशन ऑफ़ इण्डिया, राजस्थान चेप्टर, उदयपुर एवं खान एवं भू विज्ञान विभाग राजस्थान सरकार के सयुक्त तत्वाधान में आज से दो दिवसीय “डिजिटलाईजेशन एण्ड ई-गवर्नेंस इन माइनिंग इण्डस्ट्री“ विषय पर राजस्थान काॅलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर (आर. सी. ए.) के सभागार में राष्ट्रीय संगोष्ठी का सेमीनार का शुभारम्भ हुआ।

 
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दो दिवसीय डिजिटलाईजेशन एण्ड ई-गवर्नेंस इन माइनिंग इण्डस्ट्री“ विषयक संगोष्ठी प्रारम्भ

उदयपुर, 22 जून 2019। माइनिंग इन्जिनियर्स एसोसिएशन ऑफ़ इण्डिया, राजस्थान चेप्टर, उदयपुर एवं खान एवं भू विज्ञान विभाग राजस्थान सरकार के सयुक्त तत्वाधान में आज से दो दिवसीय “डिजिटलाईजेशन एण्ड ई-गवर्नेंस इन माइनिंग इण्डस्ट्री“ विषय पर राजस्थान काॅलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर (आर. सी. ए.) के सभागार में राष्ट्रीय संगोष्ठी का सेमीनार का शुभारम्भ हुआ। सेमिनार के मुख्य अतिथि सम्भागीय आयुक्त भवानीसिंह देथा, कुलपति जे पी शर्मा, एन के कोठारी, चेयरमेन डाॅ़ एस एस राठौड़, की-नोट स्पीकर यश मलिक, एमइएआई के सेक्रेटरी एमएस पालीवाल, एमइएआई अध्यक्ष अरूण कोठारी एवं डाॅ़ एसससी जैन थे।

मुख्य अतिथि वीसी जेपी शर्मा ने कहा कि तकनीकी क्रांति के साथ ही डिजिटलाइजेशन व इ-गवर्नेंस की अवधारणा का उदय बहुत पहले ही हो चुका था,लेकिन खनिज व कृषि क्षेत्र में इसका उपयोग कुछ समय से ही होने लगा है। उन्होंने मानव शरीर के लिए मिनरल की उपयोगिता व आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रेवेन्यूअर्स सम्बन्धित लीगल केसेज की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है इसलिए डिजिटलाइलेजषन एवं इ गवर्नेंस से इनमें कमी लाई जाएगी तभी इस सेमीनार की सार्थकता होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन व इ गवर्नेंस को पूर्ण पारदर्षी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना होगा तभी इसका लाभ मिनरल इंडस्ट्री को मिल पाएगा।

की-नोट स्पीकर पूर्व अधिषाशी अधिकारी एवं ओएनजीसी के मुख्य वक्ता यश मलिक ने अपने उदबोधन में बताया कि डिजीटलाइजेशन एवं इ गवर्नेंस की व्यावसायिक गतिविधियों के बदलते हुए परिवेश में खास जरूरत है। उन्होंने ओएनजीसी में इ गवर्नेंस के तहत किये जा रहे कार्यों को बताते हुए कहा कि ओएनजीसी की कार्य दक्षता में बढ़ोतरी हुई है और इसकी कार्य प्रणाली में पारदर्शिता आई है।

माईनिंग इंजीनियरिंग एसोसिएशन ऑफ़ इण्डिया राजस्थान उदयपुर चेप्टर के चैयरमेन डाॅ़ एस एस राठौड़ ने स्वागत उदबोधन देते हुए सेमीनार के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 86 प्रकार के मिनरल्स वर्तमान में देश में हैं उनमें से 82 प्रकार के सिर्फ राजस्थान में ही हैं। उन्होंने कहा कि खनन में और अधिक पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से इस सेमीनार का आयोजन किया गया है।

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आयोजन सचिव डाॅ़ एससी जैन ने इस सेमीनार के उद्देश्यों और इससे होने वाले लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस सेमीनर में 250 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं जिनमें राजस्थान के साथ ही झारखंड, तेलंगाना, आन्ध्र प्रदेश सहित भारत के विभिन्न राज्यों के आये प्रतिभागी शामिल हैं। जैन ने इस दौरान विभिन्न पत्रों के वाचन की विवेचना भी प्रस्तुत की।

अतिरिक्त डायरेक्टर खान एवं भू विज्ञान विभाग एन के कोठारी ने खान विभाग में डिजिटलाइजेशन व ई गवर्नेंस के तहत अभी क्या हो रहा है और क्या होने जा रहा है, के बारें में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2017 में खान विभाग ने ई गवर्नेंस की शुरूआत की। फरवरी 2018 से टोरविस्ट सिस्टम लागू किया। ई गवर्नेंस से अवैध माइनिंग पर काफी हद तक रोक लगाने में सहायता मिली है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अरूण कोठारी ने माइनिंग इंजीनियर्स के सफरनामे एवं इसकी गतिविधियों के बारे में विस्तार से प्रकाष डाला एवं एसोसिएशन के क्रियाकलापों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में इसके वर्तमान में 26 चेप्टर हैं। उन्होंने विषय से हट कर बजरी की देश में चल रही समस्या का निदान करने के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा प्रकाशित स्मारिका एवं सीडी का विमोचन भी किया गया।

सेमीनार की अध्यक्षता करते हुए प्रबन्ध निदेशक आरएसएमएम लि़ व सम्भागीय आयुक्त भवानीसिंह देथा ने अपने उदबोधन में कहा कि 12 राज्यों के प्रतिनिधि इस सेमीनार में भाग ले रहे हैं उन सभी राज्यों में डिजिटलाइजेशन व इ गवर्नेंस के तहत क्या- क्या हो रहा है यह जानने को मिलेगा। इस तरह की जानकरी मिलने के बाद डिजिटलाइजेशन व इ-गवर्नेंस के कामों में और सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही इन कार्यों में और क्या परिवर्तन हुए हैं ओर होने की सम्भावाना है इसकी भी जानकारी मिल पाएगी जिससे आने वाले समय में इस कार्य में और भी आसानी और पारदर्शिता आएगी। अन्त में सचिव एमइएआई एमएस पालीवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों को आभार ज्ञापित किया।

आज ये हुए पत्रवाचन – सेमिनार संयोजक आर.सी.कुमावत ने बताया कि भारतीय खान ब्यूरो के वरिष्ठ सहायक कन्ट्रोलर डी.डी.भारद्वाज माईनिंग सर्वाईलेन्स सिस्टम टू स्टाॅप इलिगल माइनिंग विषय पर, केन्द्रीय श्रम विभाग अहमदाबाद के उप मुख्य कमिश्नर एस.सी.जोशी, नोआ मंण्डी स्थित टाटा स्टील के पंकज साटिजा डिजिलाईजेशन-द फ्यूचर ऑफ़ माईनिंग,सिंगरेनी कोलेरी से के.लक्ष्मीनारायण ए केस स्टडी ऑफ़ एप्लीकेशन ऑफ़ सोफ्टवेयर इन सिंगरेली कोलेरिज़ कंपनी लिमिटेड गवर्मेन्ट ऑफ़ इंडिया अन्डरटेकिंग विषय, खान एवं भू विज्ञान विभाग उदयपुर के अधीक्षण खनन अभियन्ता एम.एस. पालीवाल डिजिटलाईजेशन खान विभाग राजस्थान, खनन अभियन्ता आसिफ अंसारी ई-रवना एवं ईटीपी विषय पर, खनन अभियन्ता जिनेश हूमड़ ई-गवर्नेन्स खान एवं भू-विज्ञान विभाग, सुधीर भटनागर मिनरल एडमिनिस्ट्रेशन थू्र डिजिटलाईजेशन, करौली के खनन अभियन्ता एल.एन.कुमावत ई-सोल्यूशन टू कर्ब इलिगल माईनिंग,भारतीय खान ब्यूरो नागपुर के चीफ कन्ट्रोलर ऑफ़ माईन्स पी.एन.शर्मा माईनिंग टेनामेन्ट सिस्टम विषय पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत कियेे।

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