77 लाख की चपत लगाने वाली शातिर महिला ठग गिरफ्तार


77 लाख की चपत लगाने वाली शातिर महिला ठग गिरफ्तार

उदयपुर 25 जुलाई 2019, उदयपुर के गोवर्धन विलास थाना पुलिस ने पीडब्ल्यूडी विभाग के सेवानिवृत एईएन के साथ हुई 77 लाख की ऑनलाइन ठगी के मामले में दिल्ली की एक महिला ठग को उत्तम नगर दक्षिण दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

 

77 लाख की चपत लगाने वाली शातिर महिला ठग गिरफ्तार

उदयपुर 25 जुलाई 2019, उदयपुर के गोवर्धन विलास थाना पुलिस ने पीडब्ल्यूडी विभाग के सेवानिवृत एईएन के साथ हुई 77 लाख की ऑनलाइन ठगी के मामले में दिल्ली की एक महिला ठग को उत्तम नगर दक्षिण दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

गोवर्धन विलास पुलिस थानाधिकारी भवानी सिंह राजावत ने बताया की गोवर्धन विलास उदयपुर निवासी PWD के 64 वर्षीय रिटायर्ड AEN भंवर लाल रजक को अपने झांसे में लेकर 77 लाख की ऑनलाइन ठगी करने के मामले में 28 वर्षीया शातिर महिला विनीता पत्नी शहज़ाद खान निवासी ओमविहार फेज़, उत्तम नगर दक्षिण दिल्ली को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।

क्या था मामला

गोवर्धन विलास निवासी पीड़ित भंवर लाल रजक पिता लक्ष्मीलाल रजक 2014 में पीडब्ल्यूडी से एईएन के पद से रिटायर हुए थे। भंवर लाल ने सेवानिवृति के बाद टाटा एआईजी, रिलाइंस और मैक्स लाइफ इंश्योरेंस में अपनी पूंजी निवेश की थी। उसके बाद भंवरलाल के पास अलग अलग नम्बरो से कॉल कर इस शातिर महिला अपने आप को कम्पनी की प्रतिनिधि बताकर दिल्ली हेड ऑफिस से बात करना बताते हुए पीड़ित को टाटा एआईजी, रिलाइंस और मैक्स लाइफ इंश्योरेंस में पूँजी निवेश करने पर बहुत बड़ी धनराशि बोनस के रूप में मिलने का झांसा देकर 2014 से लेकर 2019 तक अलग अलग बैंको के कुल 30 खातों में कुल 114 किश्तों में कुल 76,57,854 रूपये धोखाधड़ी पूर्वक जमा करवा लिए।

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तरीका ए वारदात

गिरफ्तारशुदा महिला विनीता ने बताया की दिल्ली एवं दिल्ली के आसपास के क्षेत्र में इस प्रकार के ऑनलाइन ठगी के गिरोह काम कर रहे है। गिरोह में शामिल शातिर लोग उच्च शिक्षित और आईटी के जानकार है। यह लोग या तो इंश्योरेंस कम्पनी के पूर्व कर्मचारी होते है या वास्तविक कंपनियों से पॉलिसी धारको का मूल डेटा चोरी कर उनसे सम्पर्क कर ज़्यादा लाभ या बोनस देने का प्रलोभन देकर ग्राहकों से अपने बैंको के खातों में राशि ट्रांसफर करवा लेते है। राशि ट्रांसफर होते ही राशि निकाल ली जाती है। इस प्रकार की कम्पनिया अक्सर भीड़भाड़ वाले इलाके के मकान या पॉश इलाके के फ्लैट्स से संचालित की जाती है। समय समय पर इन ठगो द्वारा फ़र्ज़ी नाम पते से बैंक खाते खुलवाकर व फ़र्ज़ी नाम पते और चोरी की मोबाईल सिम का प्रयोग कर धोखाधड़ी को अंजाम देते है। इसके अतिरिक्त यह शातिर लोग बार बार अपने ठिकाना बदलते रहते है।

बैंक खातों और मोबाइल नंबर के आधार पर की जाँच

गोवर्धन विलास थाना पुलिस ने उक्त प्रकरण की जांच के लिए अनुसंधान अधिकारी रामनारायण के नेतृत्व में कांस्टेबल दिनेश सिंह, अशोक, रामस्वरूप और महिला कांस्टेबल कुसुमलता की टीम ने पीड़ित भंवरलाल द्वारा जिन बैंक खातों में राशि जमा करवाई थी एवं जिन मोबाइल नंबरो से कॉल आये थे उनकी लोकेशन दिल्ली और आसपास के क्षेत्र में होने के कारण टीम दिल्ली रवाना हुई। अधिकतर मोबाईल नबंर और बैंक खाते फ़र्ज़ी निकले। पुलिस टीम ने बैंक खातों से प्राप्त फोटो और मोबाइल नम्बरो के आधार पर दिल्ली, नॉएडा, गाज़ियाबाद के करीब 17 पुलिस थानों में जाकर फोटो और आईडी के आधार पर एक सप्ताह तक दबिश दी और मुल्ज़िमों के बारे में जुटाई। वैज्ञानिक तरीके से अनुसन्धान के आधार पर पुलिस टीम के हाथ आखिर विनीता के गिरेबान तक जा पहुंचे। विनीता को डिटेन कर पूछताछ करने पर ऑनलाइन ठगी के मामले का खुलासा हुआ।

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