माईनिंग क्षेत्र में 31 महिला खनन अभियन्ताओं का किया सम्मान

माईनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इडियां, राजस्थान चैप्टर, उदयपुर के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती समारोह

 | 
women mining engineers honored

उदयपुर। माईनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इडियां, राजस्थान चैप्टर, उदयपुर के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती समारोह के अवसर पर शोभागपुरा स्थित शुभमंगल गार्डन में रोल ऑफ आर्टीफिशियल इंटलीजेंसी एण्ड ऑटोमेशन इन माईनिंग विषयक सेमिनार में माइंनिंग क्षेत्र मे कार्यरत महिलाओं को सम्मानित किया गया।

समारोह के विशिष्ठ अतिथि हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने बताया कि कुछ वर्षो पूर्व तक खनन अभियांत्रिकी क्षे़त्र में महिलाओं का प्रवेश निषेध था लेकिन बाद में वर्ष 2015 में कानून द्वारा महिलाओं का माईनिंग अभियांत्रिकी संकाय में प्रवेश देना प्रारम्भ हुआ। आज हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड में करीब 31 महिला अभियन्ता अन्डर ग्राउंड माईन्स में कार्यरत है एवं उनका खनन अभियन्ताओं के पद पर योगदान किसी भी पुरूष खनन अभियन्ता के योगदान से कमतर नहीं है।

हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के हेड़ व सीओई प्रवीण शर्मा ने बताया कि भूमिगत खनन में कार्य स्थल संबंधी खतरे का संचालन करने हेतु बचाव व पुनर्प्राप्ति के लिए स्व-सुसज्जित बचाव दल  का गठन किया गया है। हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड से इसकी महत्वता को देखते हुए पहली महिला खदान बचाव दल का गठन किया गया व इस दल को एक माह का गहन प्रशिक्षण दिया गया। अभी यह महिला माईन रेस्क्यू टीम सभी तरह के खतरों से निपटने के लिए सक्षम है। माईनिंग इंजीनिर्यस एसोसिएशन ऑफ इण्डिया, उदयपुर चेप्टर द्वारा रजत जंयती के अवसर इन महिला अभियन्तओं की उत्कृष्ठ सेवाओं के लिए अभिनन्दन किया गया।

इस अवसर पर अरूण मिश्रा ने घोषणा की कि इन सभी महिला अभियन्ताओं को माईनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन का सदस्य बनाने का खर्च हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड वहन करेगा। रजत जंयती अवसर पर समारोह के विशिष्ट अतिथि के तौर पर बोलते हुए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटलीजेंस एण्ड ऑटोमेशन इन माईनिंग पर बताया कि हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड मे “ओटोमेशन“ काफी हद तक किया जा चुका है एवं कृत्रिम बुद्धिमता के बारे में बताया कि पहले किसी बात को समझना और फिर उससे सीखना और फिर उसे क्रियान्वित करना ही बुद्धिमता है। उन्होंने यह भी बताया कि बुद्धिमता आसान है परन्तु किसी बात को समझना व उसे याद रखना बड़ा मुश्किल कार्य है।

उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमता का उदाहरण देते हुए बताया कि कार में जीपीएस सिस्टम से आज के प्रोग्राम में जाना है तो कार गन्तव्य पर ही जा कर रूके यानि की पहुँचा दें, यही कृत्रिम बुद्धिमता है।

उन्होंने बताया माइक्रोसोफ्ट ऐसा सोफ्टवेयर बना रहा है कि आपके ईमेल का उत्तर आपका कम्प्यूटर स्वंय बना कर जहां भेजना है भेज देगा। उन्होंने यहाँ तक कहा कि आने वाले समय में “कृत्रिम बुद्धिमता“ के माध्यम से जजों के बगैर कोर्ट में फैसले हो जाया करेंगे। उन्होंने पूरे विषय को बड़े ही रोचक ढंग से विवेचन करते हुए श्रोताओं/खनन आभियतांओ को कई बार जोरदार हंसने के साथ तालियां बजाने को मजबूर कर दिया।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News