चेंजऑवर द प्रोसेस ऑफ जगलिंग-चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट की दो दिवसीय नेशनल कॉफ्रेन्स प्रारम्भ
चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट के हस्ताक्षर शक्तिशाली, लेकिन साथ ही सर्टिफिकेट जारी करते समय रखें ध्यान
उदयपुर 7 जनवरी 2023। इन्स्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट ऑफ इंडिया की कमेटी ऑफ मेंबर्स इन प्रेक्टिस एवं उदयपुर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को हिरण मगरी सेक्टर 4 स्थित विद्या निकेतन स्कूल के सभागार में नेशनल कॉन्फ्रेंस 2023 का शुभारंभ हुआ। इस कांफ्रेंस का आयोजन उदयपुर ब्रांच की तरफ से हो रहा है, जिसमें देशभर के करीब 12 सौ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भाग ले रहे है। कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ गणपति वंदना के साथ ही राष्ट्रगान से शुरू हुआ।
उद्घाटन सत्र में बोलते हुए मुख्य अतिथि कोटा के पुलिस महानिरीक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट बाजीगर होते हैं। सरकार की आर्थिक नीतियों की प्लानिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट ही करते हैं। समय-समय पर चैलेंजिंग आते रहते हैं। सरकार पॉलिसी बनाती है लेकिन पॉलिसी पर कार्य सीए करते हैं। समय-समय पर सभी सरकारों ने भारत की इकोनामी को मजबूत करने के लिए कई कार्य किए। पंचवर्षीय योजनाएं भी बनाई। पब्लिक सेक्टर को भी आगे बढ़ाया। इकोनामी को मजबूत करने के लिए हरित क्रांति और श्वेत क्रांति जैसी योजनाएं भी आई। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने कृषि को बढ़ावा दिया।
कॉन्फ्रेन्स निदेशक सीए श्याम एस सिंघवी ने यह कहते हुए अपने उद्बोधन का शुभारंभ किया कि ना थके हैं हम कभी, ना कभी हिम्मत हारी है। जज्बा है हमेशा जीत का इसलिए सफर जारी है। उन्होंने कॉन्फ्रेंस के बारे में बताते हुए कहा कि उदयपुर में देशभर से करीब 1200 प्रतिभागी इस कॉन्फ्रेंस में आए हैं जो सभी अपने अनुभव साझा करेंगे। देश में वर्तमान में क्या बदलाव आए हैं, भविष्य में क्या चुनौतियां होगी और चुनौतियों से निपटने के लिए सीए के सामने क्या चैलेंज होंगे इस पर मंथन होगा। कोरोनाकाल के बाद उदयपुर में यह पहली कॉन्फ्रेंस होने से सभी में अपार उत्साह है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को कुछ नया सीखने नया करने और आने वाली चुनौतियों का हिम्मत के साथ मुकाबला करने का आह्वान किया।
हिजिंलि के सीएफओ संदीप मोदी ने कहा कि हम सब मिलकर अपने अनुभवों को साझा करते हुए हमारा ज्ञान बढ़ाने आए हैं। उन्होंने कहा कि अब काफी कुछ बदल चुका है। काम के तौर-तरीके बदल चुके हैं। अभी नई तकनीक के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। अब जबकि सब कुछ डिजिटल हो चुका है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के पास भी इस क्षेत्र में कई चुनौतियां हैं उनका समाधान करते हुए सभी को आगे बढ़ना है।
विद्यापीठ के कुलपति कर्नल प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कांफ्रेंस के थीम है चेंज ओवर प्रोसेस जग्लिंग। यह थीम काफी सकारात्मक ऊर्जा देने वाली है। भारत आज विश्व में किसी भी देश से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। जीएसटी के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट का महत्व और भी बढ़ गया है। हमें विश्व स्तरीय कार्यप्रणाली को अपनाना होगा तभी हम दुनिया के साथ चल पाएंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम आजाद के कथन को उद्धृत करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति कहा करते थे कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण स्तंभ है। वर्तमान समय में चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका भूमिका हो गई है। हम सभी को इकनोमिक को मजबूत करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना है।
प्रारम्भ में उदयपुर ब्रांच के शैलेंद्र कुणावत ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि इतनी बड़ी कॉन्फ्रेंस का आयोजन उदयपुर में हो रहा है। कोरोना काल के चलते पिछले 2 सालों से यह आयोजन नहीं हो पाया। फिर भी ऑनलाइन से सभी संपर्क में रहे। 2 साल बाद इस कांफ्रेंस के होने से सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स में अपार उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा कि देश का इकलौता उदयपुर ऐसा शहर है जहां सीए सर्कल है। समय-समय पर उदयपुर ब्रांच का आयोजन करवाती रहती है। जिसमें विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं प्रमुख है। पिछले दिनों जोधपुर में क्रिकेट प्रतियोगिता में उदयपुर ब्रांच की टीम विजेता रही थी। इस कांफ्रेंस के लिए आए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। प्रारम्भ में अतिथियों ने सोविनियर का विमोचन किया। अंत में प्रतिभा जैन ने आभार ज्ञापित किया।
मीडिया प्रभारी सीए दीपक एरन ने बताया कि प्रथम दिन के प्रथम तकनीकी सत्र में दिल्ली के इन्स्टीट्यूट के सेन्ट्रल कोन्सिल मेम्बर सीए संजय कुमार अग्रवाल ने हिन्दू अविभक्त परिवार में आयकर अधिनियम के प्रावधानों पर विश्लेषण करते हुए एचयूएफ को अचल सम्पत्ति में निवेश की सलाह नहीं दी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एचयूएफ के लिये पुरूष सदस्य को होना कतई आवश्यक नहीं है। सत्र की अध्यक्षता सीए सतीशचन्द्र जैन ने की।
द्वितीय तकनीकी सत्र में आटीएटी के पूर्व सदस्य एडवोकेट अश्विन तनेजा ने बेनामी सम्पत्तियों के विषय प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान परिदृश्य में इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी के कारण सभी विभागों में सूचनाओं का आराम से आदान-प्रदान होता है, ऐसी स्थिति में कोई भी गुनाह होने पर संबंधित व्यक्ति पर भविष्य में भारी दायित्व आ सकता है। इस सत्र की अध्यक्षता सीए निर्मल सिंघवी ने की।
प्रथम दिन के अंतिम तकनीकी सत्र में सीए प्रमोद जैन ने चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट्स को उनके द्वारा जारी किये जाने वाले सर्टिफिकेट एवं रिपोर्ट्स की बारिकियों की जानकारी दी। साथ ही यह कहा कि सर्टिफिकेट जारी करते समय वे संबंधित तथ्यों का ध्यान रखें, अन्यथा संबंधित चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस सत्र की अध्यक्षता सीए पवन तलेसरा ने की। शाम को प्रतिभागियों के लिये रंगारंग कार्यक्रम सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
रविवार को होंगे ये सत्र- मीडिया प्रभारी दीपक एरन ने बताया कि रविवार को सेमिनार के दूसरे दिन के प्रथम तकनीकी सत्र में जयपुर के सीनियर एडवोकेट्स सीए संजय झवंर,पूर्व मुख्य आयकर आयुक्त दिलीप शिवपुरी,सीए राजीव सोगानी,एडवोकेट प्रखुल खुराना व श्याम सिंघवी आयकर अधिनियम के अन्तर्गत फैसलेस असेसमेन्ट व वर्तमान परिदृश्य में सर्च के साथ उसके संबंधों पर जानकारी देंगे।
द्वितीय तकनीकी सत्र में आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष सीए अतुल गुप्ता निरीक्षण, खोज-जीएसटी में बरामदगी और अंाकलन पर अपने विचार रखेंगे। सत्र की अध्यक्षता सीए केशव मालू करेंगें। तृतीय तकनीकी सत्र में ज़ी बिज़नेस के जैन साब के जेम्स के जयपुर संदीप जैन शेयर बाजार में निवेश 360 डिग्री दृष्टिकोण पर जानकारी देंगे। सत्र की अध्यक्षता सीए दीपक एरन करेंगे।
