ज़िला कलक्टर ने लम्पी स्किन डिजीज से निपटने के लिए दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश


ज़िला कलक्टर ने लम्पी स्किन डिजीज से निपटने के लिए दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

जिला प्रशासन व पशुपालन विभाग सतर्क

 
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उदयपुर, 7 अगस्त। भारत सरकार एवं पशुपालन निदेशालय राजस्थान के दिशा-निर्देशानुसार पशुपालन विभाग द्वारा लम्पी स्किन डिजीज से निपटने के लिए जिले की समस्त संस्थाओं को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए है।
जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने विभागीय अधिकारियों व समस्त ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को सतर्क रहने व राज्य सरकार के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिये है। कलक्टर ने आवश्यकता होने पर अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था हेतु आश्वस्त किया। उन्होंने सरकार के निर्देशानुसार जिले की समस्त संस्थाओं के प्रभारियों, अधिकारियों व कर्मचारियों को रोग सर्वेक्षण, बचाव, रोकथाम व उपचार हेतु पाबंद कर पशुपालकों हो सतत जागरूक करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि जिले में इससे संबंधित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश लेने पर रोक लगा दी गई है व राजकीय अवकाश के दिन भी संस्थाए पूरे समय खुली रहेगी।

 

पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ एस.पी. त्रिवेदी ने बताया कि संभावित रोग प्रकोप से निपटने हेतु आवश्यक औषधियां संस्थाओं में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उपलब्ध कराये गये अतिरिक्त बजट से आवश्यक औषधि क्रय की कार्यवाही की जा रही है। क्षेत्रीय पशु रोग निदान केन्द्र उदयपुर द्वारा संदिग्ध प्रकरणों की सैंपलिंग की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में टीमों द्वारा उपचार व पर्यवेक्षण किया जा रहा है।
जिला रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ ओम प्रकाश साहू ने बताया कि जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष कार्यरत है। नोडल स्तर पर नियंत्रण कक्षों की स्थापना कर नोडल अधिकारी को प्रभारी बनाया गया है। जिला स्तर पर एक व 16 नोडल स्तरीय आरआरटी (त्वरित कार्यवाही दल) व सर्वेलेन्स टीम गठित की गई है। प्रत्येक नोडल स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाये गये है। नोडल स्तरीय नियंत्रण कक्ष से निरन्तर अद्यतन सूचनाओं का आदान - प्रदान किया जा रहा है।

 

रोग से बचाव हेतु विभाग द्वारा कीटाणुनाशक डेल्टा मैथरीन क्रय कर प्रभावित क्षैत्रों में घोल बनाकर छिड़काव किया जा रहा है। व्यापक स्तर पर कीटाणु नाशक घोल के छिड़काव हेतु जिला प्रशासन, कृषि विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं, प्रगतिशील पशुपालकों का सहयोग लिया जा रहा है। पशुपालकों में जागरूकता फैलाने के उद्धेश्य से पेम्पलेट, ब्रोसर व फ्लैक्स मुद्रण किया जा रहा है।  विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर पशुपालक गोष्ठियों के माध्यम से विभागीय अधिकारी/कर्मचारी रोग के बचाव एवं उपचार संबंधी जानकारी दी जा रही है।इसी कडी मे आज डॉ ओम प्रकाश साहू व डॉ एम.एल. धाकड द्वारा सेवा मंदिर के फिल्ड स्टाफ व पशुपालकों को ऑनलाईन मीटिंग के माध्यम से फिल्ड में जागरूकता फैलाने हेतु रोग से बचाव की जानकारी दी।

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