भगवान धन्वन्तरि पर नेपाल में जारी किया गया डाक टिकट

आयुर्वेद के जनक भी है भगवान धन्वन्तरि

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dhanvantri

भूटान में श्रीयंत्र पर जारी हुआ डाक टिकट

दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस त्यौहार के 5 दिन के दौरान आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वन्तरि की जयंती भी मनाई जाती है। पूरे विश्व में भगवान धन्वन्तरि पर एक ही डाक टिकट जारी हुआ है। वह भी नेपाल में जारी किया गया हैं।

मेवाड़ फिलेटली सोसायटी के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. विनय भाणावत ने बताया कि सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामया की अलख जगाने वाले भारत को आयुर्वेद का जनक माना जाता है, लेकिन भगवान धन्वन्तरि पर डाक टिकट नेपाल में जारी किया गया। 

उन्होंने बताया कि यह डाक टिकट 1997 में 30 पैसे मूल्य का जारी हुआ था। इस पर आयुर्वेद प्रवर्तक भगवान धन्वन्तरि विक्रम संवत 2034 और नेपाल हिन्दी में और सन 1997 अंग्रेजी में अंकित है। जो धन्वन्तरि पर जारी दुनिया का इकलौता डाक टिकट है।

भारत सरकार ने 28 अक्टूबर, 1997 को भारतीय औषधीय वनस्पति पर चार डाक टिकट का एक सेट जारी किया गया था। उसके प्रथम दिवस (एफडीसी) आवरण पर भगवान धन्वन्तरि का चित्र अंकित है, लेकिन यह डाक टिकट नहीं है।

भूटान में श्रीयंत्र पर जारी हुआ डाक टिकट

वैभव और लक्ष्मी प्राप्त करने के लएि देश-दुनिया के हिंदू श्रीयंत्र की पूजा करते हैं। श्रीयंत्र पर भी दुनिया का एक मात्र डाक टिकट भूटान सरकार ने जारी किया है। इसका मूल्य भूटानी मुद्रा में ७ अंकित है। भगवान धन्वन्तरि और श्रीयंत्र पर जारी दोनों ही दुर्लभ डाक टिकट डॉ. भाणावत के पास मौजूद है।

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