देश-विदेश में बिखरे हैं कृष्ण भक्ति के रंग


देश-विदेश में बिखरे हैं कृष्ण भक्ति के रंग

भारत सहित आधा दर्जन देशों में कृष्ण पर प्रकाशित हुए डाक टिकट

 
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जापान और सिंगापुर में हिंदुओं की संख्या कम होने के बावजूद जारी किए टिकट

उदयपुर। भगवान श्री कृष्ण की भक्ति के रंग भारत ही नहीं विदेशों में भी बिखरे हुए हैं। भारतीय मूल और हिंदुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए विश्व के करीब आधा दर्जन देशों में भगवान श्रीकृष्ण पर डाक टिकट भी जारी किए गए हैं। 

गुयाना सरकार ने 1969 में फागोत्सव पर तीन माह के लिए चार टिकट जारी किए थे। वहीं भारत में में 1973 में पहला डाक टिकट श्री कृष्ण पर जारी किया गया। इधर जापान और सिंगापुर में हिंदुओं की संख्या काफी कम होने के बावजूद वहां भी श्रीकृष्ण पर डाक टिकट जारी किए गए।

दक्षिणी अमेरिका के गुयाना देश में वर्तमान में 30 प्रतिशत हिंदू आबादी है। इस देश की सरकार ने हिंदुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए 26 फरवरी, 1969 को राधा-कृष्ण पर बहुत ही सुंदर चार डाक टिकट का एक सेट जारी किया था। यह सेट फागोत्सव को लेकर जारी किया गया था। इसकी बिक्री तीन माह बाद 25 मई, 1969 को बंद कर दी गई। ऐसे में ये डाक टिकट दुर्लभ है। ये चारों ही डाक टिकट डाक टिकट संग्रहकर्ता और मेवाड़ फिलेटली के संस्थापक डॉ. विनय भाणावत के संग्रह में मौजूद है। 

डॉ. भाणावत ने बताया कि गुयाना में जारी डाक टिकट के सेट का मुद्रण लंदन की परकिंस बेकिंस लिमिटेड द्वारा लिथोग्राफी प्रणाली से किया गया था। इनकी डिजाइन जे.ई. कूटर ने तैयार की थी। चारों डाक टिकट 6, 25, 30 और 40 सेंट मूल्य के जारी किए गए थे। इन चारों डाक टिकटों में राधा-कृष्ण गोपियों के साथ फाग खेलते हुए दर्शाए गए हैं।

भारत में जारी हुए ये टिकट

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भारतीय डाक विभाग ने 5 मई 1973 को राधा पर 20 पैसे मूल्य का, 25 अगस्त 1978 को कृष्ण और अर्जुन (भगवद्गीता) पर 25 पैसे मूल्य का, 23 मार्च 1982 को कालिया मर्दन पर 3 रुपए 5 पैसे मूल्य का, 6 नवंबर 1982 को कृष्ण-अर्जुन पर 1 रुपए का, 13 मार्च 1996 को ऋतु रंग पर चार डाक टिकटों का सेट प्रत्येक 5 रुपए, 14 नवंबर 2006 को कृष्ण पर 5 मूल्य, 27 जुलाई 2009 को गीत गोविंद पर ग्यारह डाक टिकट का सेट प्रत्येक 5 रुपए मूल्य एवं 27 नवंबर 2017 को महाभारत पर 18 डाक टिकट का सेट 430 रुपए मूल्य के जारी किए।

इन देशों में भी जारी हुए टिकट 

जापान : इस देश में हिंदुओं की आबादी 2010 की गणना के अनुसार 2.60 लाख है। इसके बावजूद यहां की सरकार ने श्री कृष्ण पर एक डाक टिकट जारी किया है। इस डाक टिकट में भगवान श्रीकृष्ण बांसुरी बजाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

सिंगापुर : इस देश में हिंदुओं की आबादी करीब 5 प्रतिशत है। इसके बावजूद यहां की सरकार ने भगवान श्रीकृष्ण की लीला पर एक डाक टिकट जारी किया था। 70 सेंट के इस डाक टिकट पर बांसुरी बजाते भगवान श्रीकृष्ण और आसपास गोपियों का चित्र प्रकाशित किया गया है।

नेपाल : इस देश ने भगवान श्री कृष्ण पर तीन से अधिक डाक टिकट जारी किए हैं। इनमें भगवान श्री कृष्ण के मंदिर, माखन चोर, राधाकृष्ण सहित अन्य चित्र प्रकाशित किए गए हैं। 

125 साल पहले पोस्ट कार्ड पर छपवाते थे कृष्ण के फोटो

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भारत में अंग्रेजों के शासन काल में भी भगवान के फोटो का चलन था। 19वीं शताब्दी की शुरुआत में बड़े व्यापारी और उद्योगपति पोस्टकार्ड पर भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं के फोटो प्रकाशित करवाते थे। उस समय पोस्ट कार्ड पर इस प्रकार भगवान का चित्र छपवाना आस्था और धनवान होने का प्रतीक माना जाता था। ये डाक टिकट ब्रिटिश सरकार द्वारा जारी किए गए थे। इनकी कीमत 3 आना थी। 1904 और 1905 के पोस्ट कार्ड डॉ. भाणावत के पास मौजूद है।

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