रेत व्यवसायियों ने बजरी सप्लाई पर हो रही कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की


रेत व्यवसायियों ने बजरी सप्लाई पर हो रही कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की

संयुक्त मोबाइल टीम बनाकर अवैध बजरी परिवहन करने वालो की पहचान हो सके उसका सुझाव भी दिया

 
ऑल राजस्थान बजरी ट्रक ऑपरेटर्स वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले सभा
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उदयपुर ज़िले के प्रतापनगर चौराहा स्थित हृदय मिलन वाटिका में उदयपुर ज़िले के व्यापारियों की बैठक हुई। जहां ऑल राजस्थान बजरी ट्रक ऑपरेटर्स वेलफेयर्स सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन शर्मा, पूर्व अध्यक्ष उदयपुर जिला नथेखान, उदयपुर जिला ट्रांसपोर्ट नगर अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह राणावत एवं यूनियन के सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति में आमसभा हुई। 

राज्य में बजरी खनन पर रोक के बाद जिलेभर में निजी और सरकारी भवन निर्माण कार्य 50 फीसदी बंद हो गए हैं। सभा में रेती व्यवसाय से जुडी समस्याओं पर भी चर्चा करते हुए व्यापारियों ने इस बात पर नाराज़गी जताते हुए कहा की शहर की तंग गलियों में रेती के ट्रैक्टर ले जाने वाले व्यवसायियों पर कार्यवाही करके परेशान किया जा रहा है। उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि वर्तमान में गुजरात से रेती लाई जा रही है। 

उदयपुर जिले के आस-पास के नदी नाले से रेती खनन बंद है। ऐसे में गुजरात राज्य से रॉयल्टी शुल्क देकर बड़े-बड़े ट्रेलर, डम्पर से रेती उदयपुर लाई जा रही है। इस रेती को ट्रैक्टर, डम्पर द्वारा शहर की तंग गलियों में सप्लाई किया जाता है। इसमें प्रसाशन एवं खनन विभाग द्वारा ट्रैक्टरों को जब्त कर रेती चोरी कि धारा में मुकदमा दर्ज करके, भारी भरकम जुर्माना वसूल किया जा रहा है। 

सभा में दावा किया गया की इस समस्या को लेकर पूर्व में विभाग को पत्र लिखकर अनुरोध किया था। उस पर अमल करने कि बजाय और अधिक दबाव बनाया जा रहा है। व्यवसायियों ने विभाग द्वारा ट्रैक्टर व डम्पर को नियमानुसार चलाने कि व्यवस्था करवाने की मांग की। 

खान निदेशक को ज्ञापन, स्टॉक करने की मांग

ऑल राजस्थान बजरी ट्रक ऑपरेटर्स वेलफेयर्स सोसायटी के पदाधिकारी ने गुरुवार को खान निदेशक को ज्ञापन देकर परिवहन सहित अन्य समस्याओं से अवगत कराया। 

प्रदेशाध्यक्ष नवीन शर्मा ने बजरी ट्रक ऑपरेटर्स बिल्डिंग मटेरियल व्यवसायों को स्टॉक की स्वीकृति देकर टीपी जारी करने की मांग की। वही बजरी सप्लाई के दौरान जो समस्याएं आ रही है, उसे भी अवगत करवाया। 

उन्होंने बताया की बजरी व्यवसायी बड़े ट्रकों को अपने वैध बजरी प्रतिष्ठानों पर खाली करवाकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बजरी सप्लाई करते है, लेकिन उन्हें पुलिस और खनन विभाग अवैध बताकर लाखों रूपये का जुर्माना लगाता है। एक संयुक्त मोबाइल टीम का गठन करने का भी प्रस्ताव रखा, ताकी अवैध बजरी परिवहन करने वालो की पहचान की जा सके।

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