तंबाकू उत्पादों को प्रदर्शित करना भी गैर कानूनी

तंबाकू उत्पादों को प्रदर्शित करना भी गैर कानूनी

राजस्थान में तम्बाकू उत्पादों से हर रोज डेढ़ सौ की मृत्यु

 
Vendors take resolution to observe No Tobacco Day every month

तम्बाकू मुक्त युवा अभियान की जिला स्तरीय कार्यशाला

उदयपुर. 23 जून। जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने कहा है कि तम्बाकू उत्पाद युवा पीढ़ी को शारीरिक और मानसिक रूप से क्षति पहुंचा रहे हैं। सरकार ने तम्बाकू उत्पादों की बिक्री और सेवन को नियंत्रित करने सक्षम कानून भी बनाया है। कानून के अपेक्षित परिणाम पाने के लिए आवश्यक है कि जागरूकता गतिविधियां एवं निरुद्ध कार्यवाही पूर्ण गंभीरता से अमल में लाई जाएं।

कलक्टर मीणा शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत चलाए जा रहे तम्बाकू मुक्त युवा अभियान की जिला स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोटपा अधिनियम के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाए। तम्बाकू नियंत्रण के लिए गठित कमेटी में शामिल सभी विभाग/यूनिट अपने दायित्व का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन करें। कलक्टर मीणा ने कहा कि तंबाकू और मद्यपान के दुष्प्रभावों से हर व्यक्ति परिचित है परंतु लापरवाही व शौक से इस ओर उन्मुख होता है, ऐसे में हमें चाहिए कि इनको दुष्प्रभावों से रोकने के लिए बनाए गए कानूनी प्रावधानों की सख्ती से अनुपालना करवाई जाए।

‘तम्बाकू मुख्य शिक्षण संस्थान’ पर करें फोकस :

जिला कलेक्टर मीणा ने चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान प्रकल्प पर फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकांश मामलों में तम्बाकू सेवन की शुरुआत विद्यार्थी जीवन से ही हो जाती है, इसलिए आवश्यक है कि शिक्षण संस्थानों में ही जागरूकता का माहौल तैयार करें। उन्होंने शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त बनाने के लिए निर्धारित 9 मापदंड की सख्ती से पालना कराने तथा विद्यालयों से ‘तंबाकू मुक्त संस्थान’ का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए।
 

यह निर्देश भी दिए :

बैठक दौरान कलक्टर ने निर्देश दिए कि तम्बाकू नियंत्रण के लिए विभागों की भूमिका और कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को सूचीबद्ध कर उनकी पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को तम्बाकू उत्पादों के सेवन से होने वाली हानियों के प्रति सचेत करने व्यापक प्रचार-प्रसार हो और कोटपा अधिनियम के प्रावधानों की पालना के लिए समन्वित रूप से प्रयास हो।
 

राजस्थान में तम्बाकू उत्पादों से हर रोज डेढ़ सौ की मृत्यु :

कार्यशाला के प्रारम्भ में सीएमएचओ डॉ. शंकरलाल बामनिया ने स्वागत करते हुए अभियान की जानकारी दी। जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ. प्रणव भावसार ने पीपीटी के माध्यम से तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम, तम्बाकू मुक्त युवा अभियान तथा कोटपा अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में हर रोज लगभग डेढ़ सौ लोग तम्बाकू उत्पादों के सेवन से जान गंवा देते हैं, वहीं एक साल में 50 हजार से अधिक लोगों की मृत्यु हो जाती है। वहीं भारत के संदर्भ में यह संख्या 3300 मृत्यु दैनिक और 10 लाख से अधिक मृत्यु वार्षिक है।
 

तंबाकू उत्पादों को प्रदर्शित करना भी गैर कानूनी :

बैठक दौरान डॉ. भावसार द्वारा अवगत कराया गया कि किसी भी दुकान पर तंबाकू उत्पादों को विक्रय के उद्देश्य से प्रदर्शित करना भी गैर कानूनी होता है। उन्होंने इस प्रावधान की अनुपालना के लिए भी आह्वान किया।  
 

गीत के माध्यम से संदेश :
कार्यशाला में नशामुक्ति के लिए अभियान चलाने वाले डॉ. पीसी जैन ने तम्बाकू नियंत्रण के साथ ही नशा मुक्ति पर भी काम करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने मायड़ भाषा मे नशा ने छोड़ो से.... गीत के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश दिया। साथ ही नशामुक्ति के लिए “सेवन डी“ फार्मूला भी विस्तार से समझाया।

 

यह भी रहे मौजूद :
कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रियंका, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. जीएन गुप्ता, औषधि नियंत्रण अधिकारी श्रीमती नेहा बंसल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी जगदीश प्रसाद सैनी, कृषि उपज मंडी समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश तोषनीवाल, किराणा एसोसिएशन अध्यक्ष राजकुमार चित्तौड़ा, बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश मोगरा, पान व्यवसायी एसोसिएशन अध्यक्ष भरत खाती सहित बीसीएमओ, विभागीय कार्मिक आदि उपस्थित रहे।

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