कोविड अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए मना नहीं किया जाएगा-चिकित्सा मंत्री

कोविड अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए मना नहीं किया जाएगा-चिकित्सा मंत्री 

मरीजो के लिए शहर के सभी अस्पतालों में होगी डे-केयर की सुविधा

 
कोविड अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए मना नहीं किया जाएगा-चिकित्सा मंत्री
राउंड द क्लॉक उपलब्ध रहेंगे चिकित्सक

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश के किसी भी राजकीय कोविड डेडीकेटेड अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए मना नहीं किया जाएगा और उन्हें प्रारंभिक उपचार अनिवार्य रुप से प्रदान किया जाएगा। उन्होंने राजधानी के राजकीय डेडीकेटेड कोविड अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए डे-केयर की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। 

डॉ शर्मा ने परिवहन मंत्री श्री प्रताप सिंह खाचरियावास के साथ शुक्रवार सायं ईएसआई अस्पताल एवं चेस्ट व टीबी अस्पताल का निरीक्षण किया व आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री खाचरियावास ने दानदाताओं के सहयोग से प्राप्त ईएसआई अस्पताल को 20 व टीबी अस्पताल को 20 आक्सीजन कंसंट्रेटर प्रदान किए हैं। 

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के दिशा-निर्देशानुसार कोविड की संभावित तीसरी लहर को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि वे स्वयं राजधानी सहित प्रदेश के अन्य अधिक संक्रमित जिलों का दौरा कर चिकित्सा संस्थानों के आधारभूत ढांचे का निरीक्षण करेंगे एवं यथासंभव सभी कमियों को दूर किया जाएगा। इसकी शुरुआत ईएसआई व टीबी अस्पताल से कर दी गई है। 

डॉ. शर्मा ने बताया ईएसआई अस्पताल में 300 बैड की व्यवस्था है। इस अस्पताल में कोविड रोगियों के उपचार के लिए नजदीकी चिकित्सा संस्थानों से अतिरिक्त चिकित्साकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने अस्पताल की उपकरण संबंधी उपलब्धता एवं चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता के बारे में विस्तार से समीक्षा की और मौके पर ही एसएमएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुधीर भंडारी को आवश्यक निर्देश दिए। 

चिकित्सा मंत्री ने ईएसआई अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक डॉ रवि शर्मा को अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों का प्रारंभिक उपचार सुनिश्चित करने एवं आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में अस्पताल को 20 कंसंट्रेटर आज उपलब्ध करवा दिए गए है। अस्पताल में  आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन सिलेंडर्स एवं अन्य आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने अस्पताल में तत्काल डे-केयर की व्यवस्था प्रारंभ करने के भी निर्देश दिए। साथ ही रिसेप्शन पर व्हीलचेयरकी सुविधा प्रदान कर भर्ती के लिए आने वाले गंभीर मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट देने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। 
 
टीबी अस्पताल में 60 बैड का कोविड डेडीकेटेड वार्ड

चिकित्सा मंत्री ने टीबी अस्पताल का दौरा कर वहां उपलब्ध संस्थानों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 306 बैडेड इस अस्पताल में टीबी रोगी भी भर्ती हैं। उन्होंने अस्पताल में 60 ऑक्सीजन बैड युक्त कोविड डेडीकेटेड वार्ड तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस वार्ड के लिए परिवहन मंत्री की ओर से 20 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करवाए गए हैं। साथ ही भविष्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अस्पताल को 200 से 250 बैड की क्षमता के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। 

डॉ. शर्मा ने अस्पताल में उपलब्ध ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता के बारे में आवश्यक जानकारी ली और वर्तमान में कार्यरत ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी सुधार के साथ ही भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तत्काल एक अतिरिक्त ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाने के निर्देश दिए।

राउंड द क्लॉक उपलब्ध रहेंगे चिकित्सक

चिकित्सा मंत्री ने प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री वैभव गालरिया को डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों में चिकित्सकों की राउंड दा क्लॉक उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए तीन पारियों में चिकित्सक नियोजित करने के लिए कहा गया है। उन्होंने डेडिकेटड कोविड अस्पतालों में आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए उपयुक्त स्थल पर चिकित्सकों की उपलब्धता संबंधी चार्ट प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। इस चार्ट पर निर्धारित समयावधि के दौरान ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों का नाम एवं उनका मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा।   

निरीक्षण के दौरान एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुधीर भंडारी, जयपुर हैरिटेज नगर निगम मेयर श्रीमती मुनेश गुर्जर, स्थानीय पार्षद श्री मनोज मुद्गल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरोत्तम शर्मा सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।

To join us on Facebook Click Here and Subscribe to UdaipurTimes Broadcast channels on   GoogleNews |  Telegram |  Signal