डॉक्टर्स ने दी CM को सलाह, बच्चों की वैक्सीन आने पर ही खोले जाए स्कूल

डॉक्टर्स का कहना है कि अगस्त आखिरी या सितंबर तक कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी, डेढ़-दो महीने अगर स्कूल नहीं खोलेंगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा

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कुछ बच्चों में मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेट्री सिंड्रोम (एमआईएस-सी) के मामले सामने- डॉक्टर्स 

कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। वहीं तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चों के प्रभावित होने का खतरा है। तीसरी लहर को कम करने के लिए क्या प्रयास किए जाए उसके लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डॉक्टर्स  के साथ चर्चा की। इसमें विशेषज्ञों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल तब तक न खोलने का सुझाव दिया, जब तक बच्चों के लिए वैक्सीन नहीं आ जाती। विशेषज्ञों के इस सुझाव के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश में स्कूल नहीं खुलेंगे।

उन्होंने कहा कि जब तक बच्चों के लिए वैक्सीन की उपलब्धता और बचाव के समस्त उपायों के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन नहीं आ जाती, तब तक स्कूल खोलना ठीक नहीं रहेगा। डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में भी बड़ी संख्या में छोटे बच्चे संक्रमित हुए। कुछ बच्चों में मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेट्री सिंड्रोम (एमआईएस-सी) के मामले सामने आ रहे हैं। बच्चों को बचाने के लिए वैक्सीन जरूरी है। डॉक्टर्स का कहना है कि अगस्त आखिरी या सितंबर तक कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी। ऐसे में डेढ़-दो महीने, अगर स्कूल नहीं खोलेंगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा।

स्कूलों में बच्चे न तो मास्क हर समय लगाकर रखते हैं, न ही सोशल डिस्टेंसिंग का ठीक से पालन कर पाते हैं। उन्होंने बताया कि कोविड की दूसरी लहर के बाद बिना लक्षण (असिम्प्टोमेटिक) वाले संक्रमित बच्चों में पोस्ट कोविड लक्षण देखने को मिले हैं। ऐसे में हमें अगर बच्चों को बचाना है, तो ज्यादा सतर्क रहना होगा। आपको बता दे कि गहलोत सरकार में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने 22 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक के बाद 2 अगस्त से स्कूल खोलने की घोषणा की थी।

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