MLSU-ट्रेडिशनल हैंड वर्क सीख रहे छात्र, विदेशों में बेच रहे अपने उत्पाद

विश्व हथकरघा दिवस
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handloom

विश्व हथकरघा दिवस सोमवार को मनाया जाता है। हाथों की कारीगरी से तरह-तरह के कपड़े-लिबास बनाने वाले आर्टिजंस का दिन।

उदयपुर जिले का आकोला प्रिंट देश-दुनिया में मशहूर है, जिसमें बदलते दौर के साथ बदलाव भी आए हैं। ऐसी ही कलाओं को बचाने के लिए सुखाड़िया विश्वविद्यालय का डिपार्टमेंट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी एंड डिजाइनिंग नवाचार कर रहा है।

विद्यार्थी इन कलाओं को सीख सकें, इसके लिए हैंडवर्क आर्टिस्ट को बुलाकर ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें ब्लॉक प्रिंटिंग, छपाई, कपड़ा तैयार करना, हैंड प्रिंटिंग, कपड़े की बुनाई-रंगाई आदि सिखाते हैं। इसके अलावा शिल्पग्राम में आने वाले प्रदेशभर के शिल्पकारों और गुजरात के आर्टिस्ट को बुलाकर हथकरघा के बारे में सिखाया जा रहा है। विवि में हर साल 100 से ज्यादा विद्यार्थी यह सब सीखने के लिए एडमिशन ले रहे हैं।

विभाग की डॉ. डॉली मोगरा का मानना है कि किसी भी हस्तकला को रोजगार से जोड़ने के कई लोगों को नए मौके मिल सकते हैं। आज कई विद्यार्थियों ने अपना बुटीक शुरू कर दिया है। वे न केवल खुद स्वरोजगार से जुड़े, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

इन्हीं में शामिल नेहा भावसार ने अपने हस्त निर्मित उत्पादों के जरिए राज्य स्तरीय पुरस्कार जीते हैं। अब नेहा विदेशों तक अपने प्रोडक्ट पहुंचा रही है। आई स्टार्ट अप की विजेता नेहा का कहना है कि हैंडलूम से आमदनी संभावनाएं असीम हैं। अभी इन आर्ट और क्राफ्ट का ट्रेंड भी है।

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