नेचर फोटोग्राफी प्रदर्शनी में संयुक्त निदेशक डॉ.कमलेश शर्मा के 100 से अधिक छाया चित्रों का प्रदर्शन


नेचर फोटोग्राफी प्रदर्शनी में संयुक्त निदेशक डॉ.कमलेश शर्मा के 100 से अधिक छाया चित्रों का प्रदर्शन

वर्ल्ड फोटोग्राफी डे पर सूचना केन्द्र में प्रदर्शनी शुरू

 
world photography day
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जनजाति आयुक्त ताराचंद मीणा ने किया शुभारंभ

उदयपुर 19 अगस्त 2023 । सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, टीम एन एफर्ट तथा कश्ती फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में वर्ल्ड फोटोग्राफी डे की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को सूचना केंद्र परिसर में फोटोग्राफी कार्यशाला तथा नेजर फोटोग्राफी प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के आयुक्त ताराचंद मीणा ने किया। प्रदर्शनी में संयुक्त निदेशक जनसंपर्क डॉ. कमलेश शर्मा द्वारा लिए गए 100 से अधिक फोटोज प्रदर्शित किए गए। प्राकृतिक वातावरण, ग्रामीण परिवेश, विविध पक्षियों के छायाचित्र देखकर प्रकृति एवं फोटोप्रेमियों का हृदय खिल उठा।

सूचना केंद्र के प्रथम तल पर स्थित कला दीर्घा में सजी प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए जनजाति आयुक्त मीणा ने वहां लगे फोटोग्राफ्स का अवलोकन किया। इस दौरान श्री मीणा ने प्राकृतिक परिवेश, दुर्लभ एवं प्रवासी पक्षियों की अठखेलियां, शिकार, वन्यजीवों आदि के छात्राचित्रों की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि फोटोग्राफी के लिए सबसे महत्वपूर्ण फोटोग्राफर का धैर्य और संयम होता है। जिस तरह के क्लिक डॉ शर्मा ने किए हैं, उन्हें देखकर स्पष्ट है कि उन्होंने किस स्तर की तपस्या की है। उन्होंने कहा कि वागड़-मेवाड़ के जलाशयों में आने वाले प्रवासी पक्षियों, स्थानीय पक्षियों, वन्यजीवों की यह दुर्लभ फोटोग्राफी युवा फोटोग्राफर्स को प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत है। हाल ही प्रदेश के 44 स्थलों को वेटलैण्ड घोषित किया गया है। इसमें मेवाड़ का पक्षी गांव मेनार भी शामिल है। इस तरह के आयोजनों से वन्यजीव और पक्षियों के संरक्षण को बल मिलेगा।

कश्ती फाउण्डेशन की प्रमुख श्रद्धा मूर्डिया ने सभी को वर्ल्ड फोटोग्राफी डे की बधाई देते हुए कहा कि आज फोटोग्राफ्स जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। इसके यह दिवस भी और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने प्रदर्शनी में लगे फोटोग्राफ्स की प्रशंसा करते हुए कहा कि डॉ शर्मा ने वागड़-मेवाड़ की प्राकृतिक धरोहरों को अपने क्लिक से अक्षुण्य बना दिया है। 

इससे पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ शर्मा ने जनजाति आयुक्त सहित अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रदर्शनी का अवलोकन कराया। अतिथियों ने फोटोग्राफ्स को निराहते हुए उनके संबंध में जानकारी ली। 

इस दौरान सेवानिवृत्त सीसीएफ राहुल भटनागर, पीआरओ प्रवेश परदेशी, एपीआरओ विनय सोमपुरा, पक्षी विशेषज्ञ प्रीति मुर्डिया, प्रदीप सुखवाल, हितेश मोटवानी, रमणिकलाल श्रीमाल, विनय दवे, देवेन्द्र श्रीमाली, नित्या सिंघल, डॉ. सोफिया नलवाया, डॉ. अनिंदिता, राधिका अग्रवाल, हेमंत जोशी, डॉ. चित्रसेन, सुनील भट्ट, डॉ.प्रेषिका द्विवेदी, नीलोफर मुनीर, डॉ. रवि शर्मा, मनीष कोठारी, ताराचंद गवारिया सहित बड़ी संख्या में प्रकृतिप्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कपिल पालीवाल ने किया।  

बताई फोटोग्राफी की बारिकियां

इससे पूर्व सभागार में फोटोग्राफी विषयक कार्यशाला हुई। इसमें संयुक्त निदेशक डॉ. शर्मा ने सभी को फोटोग्राफी दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति में कोई न कोई कला छिपी होती है। फोटोग्राफी विश्व स्तर पर मान्य कला है। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से फोटोग्राफी के बेसिक्स बताए। उन्होंने फोटोग्राफी कला के आवश्यक घटक के रूप में लाइट, शेड, फ्रेम, कलर को स्पष्ट किया। साथ ही नेचर फोटोग्राफी का सबसे महत्वपूर्ण घटक धैर्य बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक फोटोग्राफी के लिए कैमरा पर्सन में संयम अतिआवश्यक है। अच्छा फोटो क्लिक करने के लिए कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने अपने कुछ उत्कृष्ट फोटोग्राफ्स को दर्शाते हुए उनकी फोटो स्टोरीज भी सांझा की। कार्यशाला को राहुल भटनागर, श्रद्धा मुर्डिया, प्रीति मुर्डिया, आर्किटेक्ट सुनील लठ्ठा ने भी संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में फोटोग्राफर्स मौजूद थे।

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