उदयपुर में सिन्धी भाषा के प्रोत्साहन के लिए समाज का कार्यक्रम


उदयपुर में सिन्धी भाषा के प्रोत्साहन के लिए समाज का कार्यक्रम

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के खेल मंत्री अशोक चांदना थे

 
sindhi samaj
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उदयपुर । नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन आफ सिंधी लैंग्वेज नई दिल्ली के सहयोग से उदयपुर के कार्यक्रम में सिन्धी समाज उमड़ पड़ा। राजस्थान सिंधी अकादमी के पूर्व राज्य मंत्री व शहीद हेमू कालानी युवा मंच के संरक्षक हरीश राजानी ने अतिथियों का स्वागत किया, उसके पश्चात् अतिथियों द्वारा भगवान झुलेलाल सांई तस्वीर पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया। 

राजानी ने बताया कि उदयपुर शहर में एक बड़ी महत्वपूर्ण और सार्थक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जो सिंधी भाषा के प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित करने का प्रयास करेगा। कार्यक्रम का सहयोग नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन आफ सिंधी लैंग्वेज नई दिल्ली ने किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सिंधी भाषा को बढ़ावा देने और सिंधी संस्कृति को प्रमोट करने के माध्यम से युवा पीढ़ी को संस्कृतिक धरोहर से रूबरू करवाना था। 

इस कार्यक्रम में आने वाले सभी दर्शकों के लिए विशेष अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी और इसमें सिंधी नाटक, नृत्य और सिंधी प्रश्नावली क्विज़ थे। इसके अलावा, हाथों-हाथ सही उत्तर देने पर पुरस्कार भी दिए गये, कार्यक्रम का आयोजन "आजादी का अमृत उत्सव " के रूप में हो रहा है और रविवार 30 जुलाई को शाम 5:30 बजे टाउनहॉल स्थित सुखाड़िया रंगमंच में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में 25 कलाकार विज़न सिन्धु चिल्ड्रन एकेडमी, अहमदाबाद से आये और कुछ स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों दी।

शहीद हेमू कालानी युवा मंच के अध्यक्ष राजेश खत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के खेल मंत्री अशोक चांदना, उदयपुर सांसद अर्जुन मीणा, मावली विधायक धर्मनारायण जोशी, पूर्व सांसद रघुवीर मीणा ,एन.सी.पी.एस.एल के डायरेक्टर रवि प्रकाश टेकचंदानी, वी.एस.सी.ए के सचिव हरीश ककवानी कार्यक्रम में उपस्थित थे। 

शहीद हेमू कालानी युवा मंच के संरक्षक हेमन्त गखरेजा ने बताया कि नाटक के दौरान भाषा को मां के पात्र में दिखाया गया जिसमें मां अपने बेटे से बोलती है कि तुम मुझे कैसे भूल सकते हो, नाटक "गौरवगान" में भी भाषा के महत्व को बखूबी दर्शाया गया सका इतिहास बताया गया कि यह  यह भाषा संस्कृत से आई है और पाकिस्तान के सिंध प्रांत से विभाजन के बाद उसका नाटक दिखाया। 

वी.एस.सी.ए के सचिव हरीश ककवानी ने बताया कि समाज के सुरेश आडवाणी कैंसर स्पेशलिस्ट पदम् भूषण, डॉक्टर कमलेश लुल्ला नासा अमेरिका में चीफ  साइंटिस्ट, डॉक्टर इंदिरा हिंदुजा पहली टेस्ट ट्यूब बेबी मेकर, साधु टी एल वासवानी जो सिन्धी समाज के गौरव है इन कुछ नाम से सिखने की आज की नई युवा पीढ़ी को नृत्य व नाटक द्वारा प्रस्तुति दी गई। इसमें मुख्य कलाकार निश्चित, चांदनी, मुक्ति भाटिया, डॉली, सीमा जैसे कुछ आर्टिस्ट हैं और कुछ नृत्य के कलाकार हैं  जिन्होंने कार्यक्रम में प्रस्तुति दी और कार्यक्रम डायरेक्टर हरीश ककवानी थे।

कार्यक्रम निर्देशक हरीश ककवानी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कि सिन्धी पूरे विश्व में बिखरे हुए है जो आजादी के बाद सिंध प्रांत पाकिस्तान में थे, वहां से लोग अलग होकर और पूरे विश्व में सेटल हो गए तो अपनी जाति अपनी संस्कृति भाषा से दूर होते गए काफी मजबूरियां थी युवा पीढ़ी को अपनी भाषा संस्कृति की एक करने की कोशिश है।

विजन सिन्धु चिल्ड्रन एकेडमी अहमदाबाद ने अभी तक देश विदेश में 230 शो किये जिसमें गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, एमपी, यूपी, दिल्ली, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, लेह लद्दाख, दुबई ,हांगकांग में लाईव शो किये है। एकेडमी द्वारा अभी तक वर्ष 2020 तक 450 कलाकार तैयार किये जा चुके हैं। यह एकेडमी 2003 में स्थापित हुई थी।

कार्यक्रम में आए हुए अतिथि और दर्शकों और धन्यवाद युवा मंच के अध्यक्ष राजेश खत्री ने किया। कार्यक्रम में मंच का संचालन दुर्गेश चंदवानी ने किया।जबकि जितेन्द्र कालरा, स्वरुप तुलसीजा, दिपेश हेमनानी, विजय वलेचा, राजेश लख्याणी, विनोद वाधवानी, अमित चुघ, दिलीप छतवानी, गौरव हासिजा, हरीश भाटिया, विक्की राजपाल, कैलाश जेतवानी, ठाकुर, गोपाल वलवानी, अनिल सचदेव आदि ने कार्यक्रम की व्यवस्था सभांली। 
 

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