राजसमंद - 27 सितंबर 2023 की प्रमुख खबरे


राजसमंद - 27 सितंबर 2023 की प्रमुख खबरे

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राजसमंद 27 सितंबर 2023 । उदयपुर संभाग के राजसमंद ज़िले से संबंधित प्रशासनिक, राजनैतिक, खेल, अपराध एवं अन्य खबरे  

News-न्यायाधीश ने किया सखी सेंटर का निरीक्षण 

आर.के अस्पताल में संचालित वनस्टॉप सेंटर का अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री मनीष कुमार वैष्णव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजसमंद ने दिनांक 26.09.2023 को समय 12.35 पी.एम. पर औचक निरीक्षण किया। रिकॉर्ड नियमानुसार संधारण नहीं किया जाना पाया गया।  

सखी वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान श्री वैष्णव द्वारा सेंटर पर संधारित किये जाने वाले समस्त रजिस्टरों का अवलोकन किया गया अवलोकन से कुछ रजिस्टर अगस्त के पश्चात् से और कुछ जुलाई के पश्चात् और अन्य रजिस्टरों में भी नियमानुसार इंद्राज किया जाना नहीं पाया गया। रजिस्टर के अवलोकन से परामर्श, आगंतुक, प्रचार-प्रसार, मूवमेंट, पत्र प्राप्ति रजिस्टर में नियमानुसार इंद्राज नहीं होना पाया गया।  निरीक्षण के दौरान सेंटर पर काउंसलिंग करवाई जा रही थी। 

श्री वैष्णव द्वारा सेंटर पर कार्यरत स्टाफ की शिफ्टवार ड्यूटी चार्ट उपस्थिति रजिस्टर में आवश्यक रूप से उपलबध करवाये जाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर में दर्ज स्टॉक का नियमानुसार भौतिक सत्यापन किये जाने सहित अस्थाई रजिस्टर जो उपयोग किया जा चुका है उसका इन्द्राज भी रजिस्टर में किये जाने के संबंध में निर्देशित किया। सेंटर पर गद्दे, तकिये की धुलाई करवाने पर उसका एवं साफ-सफाई से संबंधित रजिस्टर संधारित नहीं किये जाने पर सेंटर प्रभारी से पूछने पर उन्होंने बताया कि स्टेशनरी अब उपलब्ध हुई है अब संधारित किया जावेगा सेंटर पर कोई भी महिला आश्रयरत नहीं पाई गई सेंटर पर उपस्थित व्यक्तियों को विधिक प्रावधानों की जानकारी प्रदान की गई। श्री वैष्णव ने सेंटर के रिकॉर्ड का नियमानुसार इंद्राज कर और संधारण कर पालना रिपोर्ट जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध करवाने जाने हेतु भी निर्देशित किया गया। निरीक्षण के समय सेंटर प्रभारी श्रीमती सुनीता खटीक एवं अन्य स्टाफ उपस्थित मिले।

News- ऑनलाईन वीडियो कॉल कर सेक्सटॉर्शन का शिकार बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़  

जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि दिनांक 4 सितंबर 2023 को राजसमन्द जिला क्षेत्र के एक 72 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक ने साइबर पुलिस थाना में रिपोर्ट दी थी कि 16 अगस्त 2023 को एक अनजान वॉट्सअप नंबर से प्रार्थी के वॉट्सअप नंबर पर एक विडियो कॉल आया, कॉल रिसीव करने पर कॉल पर एक महिला जो कि पुर्ण नग्न अवस्था में अश्लील हरकतें करती दिखी तथा मैसेज के द्वारा प्रार्थी को भी उकसाया गया तथा उसके पश्चात स्क्रीन शॉट लेकर प्रार्थी को उक्त रिकार्ड किया गया विडियो भेजा एवं अगल अलग व्यक्ति बनकर गिरोह के सदस्यों ने रूपयों की मांग की एवं रूपये नही देने की अवस्था में विडियो सोशल मीडिया पर उक्त न्युड विडियो वायरल करने की धमकी दी गयी। 

प्रार्थी द्वारा ईज्जत प्रतिष्ठा के डर से गिरोह के सदस्यों द्वारा मांगे गये रूपये कुल राशि 7 लाख 74 हजार रूपये अलग अलग खातों में जमा करा दिये लेकिन गिरोह द्वारा ओर अधिक रूपयों की मांग करते हुए प्रार्थी को परेशान किया जाने से साइबर पुलिस थाना पर रिपोर्ट दी। जिस पर साइबर पुलिस थाना राजसमन्द पर धमकी देकर जबरन वसूली एवं आईटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान वृताधिकारी राजसमन्द/ थानाधिकारी साईबर पुलिस थाना रूद्र प्रकाश शर्मा द्वारा प्रारम्भ किया गया।

वर्तमान में बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुये उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुये अज्ञात व्यक्तियों की तलाश हेतु पुलिस अधीक्षक के सुपरविजन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एंव रूद्रप्रकाश शर्मा थानाधिकारी साईबर पुलिस थाना राजसमन्द व सुरेन्द्र सिंह शक्तावत पुलिस उप निरीक्षक के नैतृत्व में साइबर सेल राजसमन्द व साइबर पुलिस थाना स्टाफ को मिलाकर एक विषेष टीम का गठन किया गया। 

टीम के सदस्यों द्वारा उक्त मामले में गहनता से अनुसंधान व समस्त तथ्यों की जानकारी करते हुये अज्ञात मुल्जिमान की तलाश हेतु टीम बनाकर पहाडी जिला डीग एवं मेवात क्षेत्र में रवाना की गई। टीम के सदस्यों द्वारा सात दिनों तक अज्ञात अपराधियों के ठिकानों कि जानकारी प्राप्त करने के लिये अलग-अलग वेश बदल कर (कभी चुनाव आयोग के कर्मचारी बनकर तो कभी जनगणना एवं पशुगणना के अधिकारी तो की किसान बनकर आसपास पुछताछ करते हुये) गिरोह के सदस्यों के ठिकानों का पता लगाया गया। 

जैसे ही सदस्य अपने ठिकाने पर पहुंचे भरतपुर डिएसटी एवं पहाड़ी पुलिस थाना स्टाफ की सहायता से साईबर टीम राजसमन्द द्वारा 2 आरोपियों को डिटेन कर लाए गए। जिनसे विस्तृत पुछताछ एवं अनुसंधान से मामले के प्रार्थी (वरिष्ठ नागरिक) के साथ सेक्सटोर्सन से ब्लैकमेल कर जबरन वसूली करना कबूल किया गया। 

प्रकरण में पूर्णतया संलिप्तता पाये जाने से 1 आरोपी नाबालिग को डिटेन किया जाकर, जे.जे.बोर्ड राजसमन्द के समक्ष पेश किया गया, जिस पर उक्त नाबालिग विधि से संघर्षरत बालक को बाल सम्प्रेक्षण गृह राजसमन्द में दाखिल कराया गया एवं 1 आरोपी को गिरफ्तार किया जाकर न्यायालय में पेश कर 3 दिन का रिमाण्ड लिया गया। 

इस गिरोह द्वारा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, मुम्बई, दिल्ली व अन्य राज्यों के कई लोगो को सेक्सटोर्सन एवं न्युड विडियो शिकार बनाकर जबरन वसूली कर करोड़ों रूपयो की ठगी की जा चुकी है। जिनसे और भी मामले खुलने की संभावना है।

तरीका वारदात

गिरोह का मास्टर माईन्ड काम करने के लिये अपने गांव के आस -पास के बेरोजगार युवकों की तलाष करता है और काम पर लगाने के नाम से एवं बदले में अच्छी कमाई देने का झांसा देकर उनको मोबाईल उपलब्ध कराता है तथा उक्त मोबाईल को लेकर उसके साथी गर्लफ्रेन्ड सर्च नाम के एप्प से वॉट्सअप नंबर लेते है व उन व्यक्तियों को वॉट्सअप कॉल करते है जो व्यक्ति कॉल अटेण्ड कर लेता है एवं उनकी बातों में आकर अश्लील हरकतें करने लग जाता है तब ये आरोपी वॉट्सअप कॉल की स्क्रीन रिकॉर्ड कर वही रिकॉर्डिंग पीड़ित व्यक्ति के मोबाईल पर भेजकर सोशल मीडिया जैसे युट्यूब, फेसबुक एवं अन्य प्लेटफार्म पर वायरल करने की धमकी देते है जिससे पीड़ित व्यक्ति अपनी प्रतिष्ठा एवं ईमेज बचाने के लिये उन्हे विडियो वायरल करने मना करता है तब ये गिरोह के अलग-अलग सदस्य कभी कॉलकर्ता महिला, कभी यूट्यूब कर्मचारी एवं कभी पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ित को डरा धमका कर जबरन रूपयों की मांग करते है एवं पीड़ित को रूपये ऑनलाईन जमा कराने हेतु युपीआई क्यूआर कोड, बैंक खाता नंबर अथवा युपीआई नंबर देकर रूपये जमा करवाते रहते है। ये अलग अलग व्यक्ति बनकर अलग-अलग राशि की डिमांड करते है तथा पीड़ित के द्वारा जमा कराये गये रूपयों के आधार पर ये अनुमान लगा लेते है कि इस व्यक्ति से कितनी राशि मिल सकती है जो कि अन्तिम स्तर तक मांग करते है एवं पीड़ित व्यक्ति को कंगाल करके छोड़ देते है, कभी-कभी पीड़ित व्यक्ति इनकी मांग पुरी नही कर पाता तथा इसके चलते पीड़ित व्यक्ति आत्महत्या भी कर लेते है।    

क्या करें, क्या न करें
किसी अजनबी महिला/व्यक्ति को अपने सोशल मीडिया अकाउन्ट पर नही जोड़े तथा अपने सोशल मीडिया अकाउन्ट प्राईवेट रखें।
किसी अनजान नंबर से प्राप्त वीडियो कॉल का जवाब नही देवें।
अगर वीडियो कॉल अटेण्ड हो गया हो एवं साईबर अपराधी ब्लैकमेल कर रहे हो तो उनको अवोईड करें एवं निकटतम पुलिस थाना अथवा साईबर पुलिस थाना पर संपर्क करे।

गिरफ्तार अभियुक्तगण

रोबिन खान पिता हाजर खान मेव उम्र 19 वर्ष निवासी कठौल पुलिस थाना पहाड़ी जिला डीग (राज)
 
साईबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली टीम

  1. रूद्र प्रकाश शर्मा आरपीएस थानाधिकारी साईबर पुलिस थाना /वृताधिकारी राजसमन्द
  2. सुरेन्द्र सिंह पुलिस उप निरीक्षक साईबर पुलिस थाना
  3. पवन सिंह सउनि साईबर सैल प्रभारी
  4. नारायण लाल शर्मा हैड कानि. 155 साईबर पुलिस थाना
  5. बद्रीलाल हैड कानि. 632 साईबर पुलिस थाना
  6. इन्द्र चन्द चोयल कानि. 363 साईबर सैल
  7. ओम प्रकाश कानि. 1076 साईबर सैल
  8. पुष्पेन्द्र सिंह कानि. 1092 साईबर पुलिस थाना
  9. श्रीमति सीता शर्मा मकानि. 671 साईबर पुलिस थाना
  10. हरिमहेन्द्र कानि. 1111 साईबर पुलिस थाना (विशेष भुमिका)
  11. मिन्टु कुमार कानि. 425 साईबर पुलिस थाना (विशेष भुमिका)
  12. तिलकेष कुमार कानि. 356 साईबर पुलिस थाना

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