अश्विनी बाजार में बिखरी निर्माण सामग्री को लेकर महापौर ने जताया रोष

अश्विनी बाजार में बिखरी निर्माण सामग्री को लेकर महापौर ने जताया रोष

शहरवासियों को हो रही दुविधा पर संज्ञान लेने की मांग करते हुए उपमहापौर ने लिखा स्मार्ट सिटी सीईओ को पत्र 

 
UMC
रेती, गिट्टी, सीमेंट पोल सहित कई सामग्री बिखरी है सड़को पर रोज ही रही हैं दुर्घटना

उदयपुर। नगर निगम उदयपुर उपमहापौर पारस सिंघवी ने स्मार्ट सिटी सीईओ प्रदीप सिंह सांगावत को पत्र लिख शहर में बिखरी निर्माण सामग्री को लेकर रोष प्रकट करते हुए जल्द से जल्द हटवाने की मांग रखी है।

नगर निगम उप महापौर एवं स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष पारस सिंघवी ने बताया कि सोमवार को नगर निगम स्मार्ट सिटी सीईओ प्रदीप सिंह सांगावत को पत्र लिख शहर के विभिन्न इलाकों में हो रही समस्याओं के बारे में अवगत करा कर जल्द ही उसके निराकरण की मांग रखी है।

सिंघवी ने स्मार्ट सिटी अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों को कई बार मौका निरीक्षण करवाया गया, नगर निगम की बैठक में भी कई बार आग्रह किया गया लेकिन हालत जस की तस बनी हुई है। शहरवासी पिछले 2 वर्षों से भयंकर परेशान हो रहे हैं।

निर्माण सामग्री पूरी तरह अस्त-व्यस्त रूप से शहर में कई स्थानों पर फैली हुई है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है शहरवासी चोटिल हो रहे हैं यही नहीं शहर की घाटीयो पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं होने के कारण सिवरेज चेंबर ओवरफ्लो होकर महीनों से रिस रहे जिनका पानी ऊपर से नीचे ढलान तक कई समय से बह रहा है।

अधिकारियों को अवगत करवाने पर भी हमेशा की तरह अनसुना किया जाता है। गलती स्मार्ट सिटी की है और उलाहना नगर निगम को मिल रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आकांक्षाओं एवं अपेक्षाओं पर भी स्मार्ट सिटी का कार्य खरा नहीं  उतर रहा है, यह कटु सत्य है। उदयपुर शहर के पूर्व विधायक गुलाबचंद कटारिया एवं महापौर गोविंद सिंह टाक द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्यों की गुणवत्ता में कमी को लेकर कई बार अवगत कराया गया था उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

उपमहापौर सिंघवी ने बताया कि अभी हाल ही में अश्विनी बाजार व्यापार संघ अध्यक्ष जयेश चंपावत द्वारा परेशान होकर नगर निगम पहुंच उन्हें ज्ञापन दिया गया है। ज्ञापन में उनके द्वारा बताया गया कि अश्विनी बाजार में जगह-जगह सडक टुटी हुई है एवं बडे-बडे गड्डे बन गये हैं।

पूरे शहर में सडक बन गई लेकिन अश्विनी बाजार की सडक नही बनी हैं। कब्रिस्तान वाली दिवार के पास रेत, गिट्टी एवं बिजली के खम्भे अवैध रूप से डाले गये है जिससे यातायात जाम होने एवं रेती से वाहन फिसल रहे है। दुकानों में गिट्टी उछल कर आ रही है जिससे वहां आस पास की दुकानों के कॉच टूट रहे है एवं राहगीरों को चोट लग रही है।

अश्विनी बाजार को स्मार्ट सिटी द्वारा निर्माण सामग्री का डंपिंग यार्ड बना दिया गया है। पिछले पाँच वर्षो से लगातार अश्वनी बाजार के व्यापारी परेशानी से गुजर रहे है। रेती गिट्टी की डस्ट से व्यापारियों के दुकान में रखा सामान खराब हो रहा हैं। यदि यही हालत रहे तो व्यापारियों को अपनी दुकाने बंद करनी पड़ेगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी प्रशासन की रहेगी। व्यापार संघ द्वारा मुआवजा देने की मांग भी की है।

उपमहापौर सिंघवी ने बताया कि अश्वनी बाजार व्यापार संघ द्वारा इस समस्या के समाधान हेतु दो दिन का दिया समय दिया गया है अन्यथा व्यापार संघ नगर निगम के खिलाफ आदोलन करेगा जब की इस पूरी प्रकरण में नगर निगम का कोई किरदार नहीं है। पारस सिंघवी ने सीईओ सांगावत को स्मार्ट सिटी अधिकारियों को पाबंद करते हुए शहर की समस्याओं की तुरंत निराकरण की करने की मांग रखी है।
 

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