बर्ड विलेज मेनार में लगे साइन बोर्ड ताकि पर्यटक आसानी से पहुँच सकें

बर्ड विलेज मेनार में लगे साइन बोर्ड ताकि पर्यटक आसानी से पहुँच सकें 

पक्षी दर्शन को आ रहे लोग

 
bird village menar

उदयपुर,8 दिसंबर । राजस्थान अपनी पर्यटन विविधता के लिए प्रसिद्ध है। वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, प्रदेश के पर्यटन का अहम हिस्सा है। बर्डिंग में भी राजस्थान का कोई सानी नहीं इन दिनों राजस्थान के उदयपुर जिले से 45 किलोमीटर दूर एक जगह ऐसी भी है जिसे बर्ड विलेज यानी परिंदों का गांव कहा जाता है। यहां दूर-दूर तक तालाबों में तीन हजार किलोमीटर दूरी का फासला तय करके आए पक्षियों का जमावड़ा दिखता है। बर्ड विलेज मेनार की सैर के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों को जानकारी देने के लिए वन विभाग ने जगह-जगह साइन बोर्ड लगाए हैं।

निम्न लोकेशन की जानकारी दी गई है 

ढंढ तालाब पक्षी दर्शन क्षेत्र
मृदेश्वर महोदव शिव प्रतिमा
अंबा माता शक्तिपीठ मंदिर
प्राचीन ठाकुरजी मंदिर
सनराइज व्यू ढंढ तालाब आदि लोकेशन की जानकारी दी गई है।

ऐसे पर्यटक जो पक्षियों को देखने के शौकीन हैं और अलग-अलग इनकी प्रजातियों को कैमरे में कैद करना चाहते हैं उनके लिए यहां की ट्रिप बेहतर विकल्प है। मेनार में हर साल सर्दियों में देश-विदेश के हजारों प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इन्हें देखने के लिए प्रदेश सहित दिल्ली, बेंगलुरू, केरल, महाराष्ट्र, कोलकाता, गुजरात आदि राज्यों से पर्यटक भी आते है। इनमें से कई पर्यटक तालाब के किनारे कैंपिंग करते है।

इसके अलावा डाक्यूमेंट्री लिखने वाले कई ट्रैवल ब्लॉगर्स का डेरा भी लगता है, लेकिन गांव में जानकारी के अभाव में पर्यटक सही जगह नहीं पहुंच पाते। इस असुविधा को देखते हुए विभाग ने गांव में हर टूरिस्ट प्लेस की जानकारी जगह-जगह लगाई है। बता दें, मेनार को रामसर साइट बनाने के प्रयास भी जारी हैं। इसके लिए वन विभाग ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है।

साइबेरिया, रूस, अफगानिस्तान, कजाकिस्तान जैसे देशों से आए पक्षी

मेनार में अभी पैरेग्रिन फाल्कन, इसेबलीन व्हीटर, डेजर्ट व्हीटर, ब्लैक हेडेड बंटिंग, रेड हेडेड बंटिंग, ग्रेटर फ्लेमिंगो, कॉमन क्रेन, व्हाइट येलो एवं ग्रे वेग्टेल्स, कॉमन पोचार्ड, यूरेशियन विजन, टफ्टेड डक, नॉर्दन शोवलर, ग्रीन विंग्ड टील, रडी शेल्डक, ग्रेलैग गीज, बार हेडेड गीज, मार्श हेरियर, स्टेप्पी ईगल, शॉर्ट टोड स्नेक ईगल, ग्रेट कॉर्पोरेंट, साइबेरियन स्टोनचेट, पाइड बुश चैट जैसे प्रवासी परिंदे देखे जा रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय पक्षियों में सफेद टिकड़ी, छोटी डुबडूबी, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब, कॉटन पिग्मी गूज, कॉम डक, स्पॉट बिल्ड डक, ओरिएंटल डार्टर, इंडियन कॉमरिंट, स्केली ब्रेस्टेड मुनिया, पाइड किंगफिशर, पेंटेड स्टोर्क, ग्रे एंड पर्पल हेरोन, पेंटेड स्टार्क, ब्लैक नेक्ड स्टॉर्क आदि प्रजाति के पक्षी भी आए हुए हैं। इन्हे देखने को कई प्रदेशों से पक्षी प्रेमी आ रहे है। 

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