साइबर अपराधियों का अड्डा बना टेलीग्राम, जॉब ऑफर, ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में मत आइएगा

साइबर अपराधियों का अड्डा बना टेलीग्राम, जॉब ऑफर, ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में मत आइएगा

लग सकता है करोड़ो का चूना

 
Cyber crime social welfare frauds

उदयपुर। सावधान हो जाएं..अगर आपके पास टेलीग्राम पर किसी भी तरह का कोई जॉब ऑफर आए या फिर किसी तरह की ऑनलाइन ट्रेडिंग आप इस पर कर रहे हों तो तुरंत छोड़ दें। इस तरह से झांसे में लेकर आपके कब हजारों से लाखों-करोड़ों लुट जाएंगे, ये आपको मालूम ही नहीं चलेगा। दरअसल, आजकल साइबर ठगी का नया ट्रेंड चल रहा है। जिसमें टेलीग्राम पर ऑनलाइन एक्स्ट्रा इनकम का लालच देकर जाल में फंसाया जा रहा है। शहर के साइबर एक्सपर्ट के अनुसार उदयपुर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर अब तक लोग करीबन करोडो लुटा चुके हैं। हर दिन उनके पास ऐसे फ्रॉड्स के केसेस आ रहे हैं।

ये है फंसाने का तरीका

साइबर एक्सपर्ट के अनुसार उनके पास जून और जुलाई में लगभग 90 केस आए। जिसमें से 65 ऑनलाइन ट्रेडिंग के थे। इस प्रकार के अपराधों में सबसे पहले साइबर अपराधी एक मैसेज भेजते हैं, जिसमें डिजिटल मार्केटिंग में निवेश या लुभावने जॉब ऑफर देते हैं। फिर टेलीग्राम ग्रुप में शामिल होने के लिए कहा जाता है। जहां यू-ट्यूब पर कुछ वीडियो देखने और पसंद करने के लिए कहा जाता है। फिर आपके पास एक एप का लिंक भेजते हैं, जिस पर एक आइडी क्रिएट करवाते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे टास्क को पूरा करवाते हैं। टास्क के बदले आपके अकाउंट में 200 से 500 रुपए आते हैं। फिर साइबर अपराधी आपको पेड अमाउंट का झांसा देकर बड़े बड़े अमाउंट अलग-अलग ट्रांजेक्शन करवाते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

  • साइबर अपराधी पहले लोगों को लुभावनी बातों का झांसा देते हैं, ऐसे किसी भी झांसे में आने से पहले ही संभल जाएं।
  •  उसके भेजे गए लिंक पर रजिस्ट्रेशन ना करें और पुलिस में शिकायत करें।
  •  अगर आपके फोन में किसी प्रकार की ओटीपी आती है तो बिना जांच पड़ताल किए किसी को अपना ओटीपी शेयर ना करें।
  •  किसी भी क्रिप्टो एजेंसी ट्रेड के नाम पर अपना अकाउंट ओपन ना करें।
  • जॉब ऑफर्स में वीडियो लाइक करके पैसे कमाएं या पैसे डबल करने, कॉल पर प्रोडक्ट व एप को स्टार रेटिंग देने जैसे झांसों में न आएं।

श्याम चंदेल, साइबर एक्सपर्ट

पिछले कुछ सालों से डिजिटल व ऑनलाइन बैंकिंग का चलन तेज़ी से बढ़ा है तो वहीँ प्रतिदिन साइबर क्राइम से जुडी घटनाएं भी बढ़ी हैं। हालाँकि, जब भी कुछ ऐसा होता है तो जानकारी की कमी के चलते पीड़ित तुरंत धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज नहीं करा पाते। अपराध के मामलों की बढ़ती संख्या के जवाब में गृह मंत्रालय के निर्देश पर पुलिस विभाग ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 शुरू किया है। यह नंबर पहले से संचालित टोल फ्री नंबर 155260 की जगह लेगा। टोल फ्री नंबर को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। नया नंबर 1930 के साथ-साथ पुराना 155260 नंबर भी काम करेगा।

केस 01

गोगुंदा में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 40 व्यक्तियों के साथ लगभग 8 से 10 करोड़ का फ्रॉड हुआ है। उन्हें टेलीग्राम के माध्यम से फंसाया गया था। एक टेलीग्राम ग्रुप में करीब 200 व्यक्ति जुड़े हुए थे, जिसमें एक के बाद एक वे भी जुड़े और ट्रेडिंग में पैसे निवेश करने के लिए कहा। पैसे लुट जाने पर उन्होंने साइबर एक्सपर्ट से मदद मांगी।

केस 02

टेलीग्राम पर जॉब ऑफर्स से संबंधित कई टेलीग्राम ग्रुप्स बने हैं। उदयपुर के युवक ने जॉब के लिए एक चैनल जॉइन किया तो उसमें उसे तरह-तरह के टास्क करने थे। इन्हीं टास्क के दौरान पहले उसके अकाउंट में पैसे डाले गए और फिर बाद में ज्यादा अमाउंट जमा कराने को कहा गया। उसने जब अमाउंट जमा कराया तो वो चैनल ही डिलीट कर दिया गया।





 

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