मजदूर से मंत्री तक का सफर: जगदीश राज श्रीमाली, उदयपुर

मजदूर से मंत्री तक का सफर: जगदीश राज श्रीमाली, उदयपुर

उदयपुर के चित्रकुट नगर में 100 बेड का ESIC अस्पलाललाने में श्रीमली की महत्वपूर्ण भूमिका रही

 
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दिसंबर 2022 में श्रीमली को राजस्थान सरकार ने राज्य मंत्री का दर्ज दिया

जगदीश राज श्रीमली राजस्थान श्रम कल्याण सलाहकार मण्डल के उपाध्यक्ष हैं और दिसंबर 2022 में उन्हे राजस्थान के राज्यपाल द्वारा राजस्थान सरकार सरकार के अनुशंसा पर राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया। वे इन्टक के प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ साथ राजस्थान प्रदेश काँग्रेस कमिटी के मुख्य सचिव भी हैं। बाल मजदूर से शुरू हुई उनकी दास्तान को आज उदयपुर टाइम्स आपके समक्ष ला रहा है...

ऐतिहासिक रणभूमि हल्दीघाटी के समीप एक छोटे से गांव में जगदीश राज श्रीमाली का जन्म हुआ, जहां से उन्हें महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण व्यक्तित्व का प्रभाव हुआ। 

जगदीश के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी - पिता एक किसान थे एवं बडे परिवार में जगदीश सबसे छोटे पुत्र हैं। 14 वर्ष की उम्र में गांव छोड़कर एक बाल श्रमिक के रूप में पहले मुम्बई फिर उदयपुर में छोटा-मोटा कार्य करते हुए जीवन यापन किया और साथ ही पढाई भी जारी रखी।

उदयपुर जिले की मावली तहसील के डबोक स्थित उदयपुर सीमेन्ट फॅक्ट्री मे मात्र 17 साल की उम्र में एक मजदूर के रूप में भर्ती हुए और फिर वही मजदूर भाईये की समस्याओं को देखते श्रम संगठन इन्टक से जुड़े। फिर यही स्थानीय यूनियन में साधारण कार्यकर्ता से श्रमिक जीवन की यात्रा प्रारम्भ हुई जो निरन्तर श्रमिक भाईयों में अपने कुशल व्यवहार, संघर्षशील व सुझान शैली से प्रसिद्धि व पकड़ बढ़ती गई, जिससे उदयपुर इन्टक का जिलाध्यक्ष प्रदेश में जिम्मेदारी का सफल निर्वहन करते हुए आज 'लगातार इन्टक के निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हो रहे हैं।

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श्रमिक जगत में एवं इन्टक संगठन में कार्यकुशलता को देखते हुए 2 बार विदेश में भी भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ जिसमे 2002 मे टोक्यो (जापान) में विश्व युवा श्रम सम्मेलन 2015 जेनेवा (स्विजरलैण्ड) मे वे भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

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कई सालो से बन्द पड़ी सीमेंट फॅक्ट्री उदयपुर सीमेंट वर्क्स को पुनः शुरू करवाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज यह उद्योग क्षेत्र के लोगो को रोजगार मुहँया करा रहा हैं। अपने इस संघर्ष के बारे में बताते हुए श्रीमाली ने कहा की 2002 में इस उद्योग को बंद कर दिया गया था। ढाई हजार मजदुर बेरोजगार ही गया थे, ऐसी परिस्थतियों में कुछ पता नहीं चल पा रहा था की भविष्य में क्या होगा। हालाँकि लम्बे प्रयासों और हक़ की लड़ाई के बाद आखिरकार फैक्ट्री फिर से चालू की गई। 8.5 करोड़ की लागत से पहला प्लांट चालू किया गया और 16.5 करोड़ में दूसरी यूनिट में भी उत्पादन शुरू हो चूका है। इस बात का श्रेय अपनी आराध्य देवी को देते हुए श्रीमाली ने कहा की वह लम्बे समय से देवी से इस फैक्ट्री को चालू करने की प्रार्थना करते थे, ताकि इसके बंद होने से जिन मजदूरों का रोजगार छिन गया है, वो उन्हें वापस मिल सके। उनका कहना है की उनकी प्रार्थना 12 सालों के बाद स्वीकार हुई और ये पुरे भारत देश की पहली फैक्ट्री है, जो बंद होने के बाद एक बार फिर से चालू की गई है और सभी बेरोजगार हो चुके मजदूरों को एक बार फिर से रोजगार मिला, जिसको वो अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं।

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उन्होंने कहा की जिन सालों में ये सीमेंट फैक्ट्री बंद पड़ी हुई थी उन दिनों मावली से उनके पास काफी सारे लोंगो की रोजगार की अर्जियां आती थी। इसी को लेकर हालही में जब उनकी मुख्यमंत्री से मुलाक़ात हुई तो श्रीमाली ने मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत से निवेदन करते हुए उदयपुर को एक और उद्योगिक क्षेत्र प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा की अगर मुख्यमंत्री ये सौगात उन्हें देते हैं तो उस से बड़ी मात्रा में रोजगार बढ़ेगा, गरीब लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और मुख्यमंत्री ने उनके उस आह्वान को स्वीकार किया और मावली विधानसभा क्षेत्र के माली गांव में 272 उद्योग लगाने के लिए उद्योगिक क्षेत्र दिया। साथ ही खेमली क्षेत्र में बंद होने जा रहे कंटेनर डिपो को 6 दिन लगातार भूख हड़ताल कर डिपो को बंद होने से रुकवाया। 

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श्रीमाली की उपलब्धियां दूसरे क्षेत्रों में भी कम नहीं है - केन्द्रिय श्रमिक शिक्षा बोर्ड के रिजनल चैरपर्सन रहते हुए जैल के कैदियों के लिए प्रशिक्षण शिविर लगवाया था। सिंडिकेट बैंक के डायरेक्टर रहते हुए उदयपुर ही नहीं बल्कि राजस्थान में बैंक की अनेक शाखाएं खुलवाई एवं उदयपुर में बैंक का रिजनल ऑफिस स्थापित कराया|

ESIC रिजनल बोर्ड के सदस्य रहते हुए उदयपुर चित्रकुट नगर में 100 बेड का अस्पलाल Hospital को लाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। कोरोना काल में यह अस्पताल बड़ा काम आया।श्रीमाली ने जब इन्टक प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभाला, तब इन्टक की मेम्बर शीप मात्र 25 हजार थी तब से अथक परिश्रम, संघर्ष सेव संगठनात्मक कौशल से इन्टक अब 3 लाख से ज्यादा श्रम संख्या वाला संगठन बन गया है।

श्रीमाली एक धार्मिक व्यक्तित्व के हैं और डबोक एयरपोर्ट के सामने मां हिंगलाज धूणी माता को अपनी इष्ट आराध्य देवी मानते है एवं परम भक्त है। श्रीमाली ने वहां मंदिर परिसर में विभिन्न नवनिर्माण करे जैसे भोजनशाला, हॉल, सिंहद्वार, निज मंदिर में विकास कार्य व जिर्णोद्वार आदी| वनविभाग से श्रीमाली ने पहाड़ी के विकास हेतु 150 करोड़ की राशि स्वीकृत कारवाई।

श्रीमाली अपने बेबाक तरीकों और अपनी भाषणों को लेकर भी बहुत प्रसिद्ध है। श्रीमाली के भाषण शैली के भी बड़ी संख्या में समर्थक है जो उनको सुनना पसंद करते हैं और इन्हे अपना आदर्श मानते हैं।

आगे के बारे में बात करते हुए श्रीमाली ने उदयपुर टाइम्स से बातचीत में कहा की राजस्थान काँग्रेस उनसे जो सेवा लेना चाहे, वे देने के लिए तत्पर हैं।

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