Cyber Fraud Part 8 - सर्च इंजन के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी

इन  वेबसाइट को मोबाइल स्क्रीन पर डिस्प्ले करने का यानि दिखाने का काम सर्च इंजन का होता है

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cyber police station

इंटरनेट और तेज गति और सुलभता के कारण हमें कई सारी सुविधाएं इंटरनेट के माध्यम से मिल रही है। हम प्लंबर से लेकर हवाई जहाज तक इंटरनेट पर बुक कर सकते हैं।  इस के साथ ही धोखाधड़ी की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। जालसाज ठगने के नए–नए तरीके खोज रहे हैं, विशेष रूप से भोले–भाले लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई से ठगने के तरीके ईजाद कर रहे हैं। इंटरनेट पर हमें जो भी जानकारी चाहिए होती है वेबसाइट पर उपलब्ध होती है लेकिन इन  वेबसाइट को मोबाइल स्क्रीन पर डिस्प्ले करने का यानि दिखाने का काम सर्च इंजन का होता है।

सर्च इंजन के कुछ उदाहरण है –

  • गूगल
  • माइक्रोसॉफ्ट बिंग
  • याहहम जो भी चीज इन सर्च इंजन पर ढूंढते हैं सर्च इंजन उससे संबंधित वेबसाइटों को खोज कर हमारे सामने लेकर आता है। लेकिन अगर इन रिजल्ट में कुछ हेरफेर कर दी जाए या इनमें गलत जानकारी डाल दी जाए या फिर हो सकता है वेबसाइट ही गलत बनाकर डाल दी जाए तब साइबर अपराधी हमारे साथ कोई भी बड़ी धोखाधड़ी कर सकते हैं।

सावधानी:

  1. हमेशा बैंकों या कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइटों से कस्टमर केयर संपर्क विवरण प्राप्त करें। 
  2. बैंकों की सुरक्षित मोबाइल एप्लीकेशन के बारे में जानकारी रखें जैसे एसबीआई की आधिकारिक मोबाइल एप्लीकेशन ‘योनो’ है। इसी प्रकार हर बैंक की एक आधिकारिक मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन है।
  3. अमेजन जैसी बड़ी और भरोसेमंद वेबसाइट भी अपनी मोबाइल एप्लीकेशन संपर्क करने के लिए जानकारियां देती है।
  4. कोशिश करें कि हेल्पलाइन /टोल फ्री नंबर सुरक्षित मोबाइल एप्लीकेशन से ही प्राप्त कर लें।
  5. मोबाइल एप्लीकेशन पर संपर्क करने की जानकारी न दी गई हो तो आप आधिकारिक वेबसाइट सर्च करें।
  6. सर्च करने पर आने वाले शुरुआत के परिणामों पर आंख बंद करके भरोसा ना कर ले
  7. जांच करने की वेबसाइट आधिकारिक है या नहीं या उससे मिलती-जुलती कोई नकली वेबसाइट तो नहीं है।
  8. कृपया यह भी ध्यान दें कि कस्टमर केयर नंबर कभी भी “मोबाइल नंबर” के रूप में नहीं होते हैं। आमतौर पर यह टोल फ्री नंबर 1800 सीरीज़ से चालू होते हैं। लेकिन हर 1800 सीरीज से चालू होने वाला टोल फ्री नंबर भी सुरक्षित हो यह भी आवश्यक नहीं है। 
  9. हेल्पलाइन नंबर पर बात करने वाला व्यक्ति भले ही वास्तविक हो लेकिन उसे भी ओटीपी या अन्य कोई गोपनीय जानकारी जैसे आपके क्रेडिट कार्ड डिटेल या डेबिट कार्ड डिटेल्स ना दें।
  10. प्रयास करें कि शुरुआत में ही भुगतान ना करें।

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