जयपुर में 10वें BRICS उद्योग मंत्रियों के सम्मेलन का सफल आयोजन
Udaipur Times, BRICS Conference 2026: 10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक भारत की अध्यक्षता में गुरुवार को जयपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के उद्योग मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिससे न्यू इंडस्ट्रियल रेवॉल्यूशन पर ब्रिक्स साझेदारी (PartNIR) के तहत मंत्री-स्तरीय संवाद को एक नया आयाम मिला है।
10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक के संयुक्त घोषणापत्र' को स्वीकार किया गया। यह घोषणापत्र केवल संवाद तक सीमित न रहकर सहयोग के व्यावहारिक उपायों को लागू करने की सदस्य देशों की उद्योगों को मजबूत बनाने और लोगों के जीवन में सुधार लाने पर केंद्रित है।
बैठक के दौरान, ब्रिक्स सदस्य देशों के उद्योग मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, प्रमुख नीतिगत पहलों और उपलब्धियों को साझा किया।
सदस्य देशों ने ब्रिक्स सदस्यों के बीच व्यावहारिक सहयोग, ज्ञान साझा करने, क्षमता विकास और औद्योगिक नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए PartNIR को एक मुख्य मंच के रूप में दोहराया। इसके साथ ही, प्रतिनिधिमंडलों ने भारत की 2026 की अध्यक्षता में हुई प्रगति का स्वागत किया और माना कि PartNIR के तहत शुरू की गई इनिशिएटिव्ज संस्थागत सहयोग को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और ब्रिक्स देशों में भविष्य के अनुकूल तथा प्रतिस्पर्धी उद्योगों के विकास में मदद करेंगी।
भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 3 और 4 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर ब्रिक्स संपर्क समूह (सीजीईटीआई) की तीसरी बैठक के बाद, 7 अगस्त को जयपुर में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक (टीएमएम) का आयोजन कर रहा है। इस मंत्री-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल करेंगे, जिसमें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भाग लेंगे। यह बैठक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए ब्रिक्स सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को एक मंच पर लाएगी।
ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो WTO (विश्व व्यापार संगठन) को केंद्र में रखते हुए एक खुली, समावेशी, पारदर्शी, न्यायसंगत और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है। यह चर्चाएं मजबूत सप्लाई चेन, नवाचार-संचालित विकास, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एमएसएमई की मजबूत भागीदारी और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच गहरे आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देकर भारत के 'विकसित भारत@2047' के दृष्टिकोण में योगदान देने में सहायक होंगी।
