उदयपुर में 18 हजार लीटर घी जब्त, 42 हजार किलो डेयरी उत्पाद जांच के दायरे में

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Food Safety officials inspect seized ghee and dairy products during an anti-adulteration raid in Udaipur.

Udaipur Times, Udaipur News: 31 मई 2026 । प्रदेश में मिलावट के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के आधार पर खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय की केंद्रीय प्रवर्तन टीम द्वारा शनिवार को उदयपुर जिले में दो स्थानों पर संयुक्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई। मिलावट के संदेह पर 18 हजार लीटर घी जब्त किया गया है। Food Adulteration

खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला ने बताया कि अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के नेतृत्व में केंद्रीय एवं जिला टीम द्वारा संयुक्त रूप से अम्बेरी स्थित डेयरी फार्म एंड फूड प्रोडक्ट्स का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न ब्रांड से घी का निर्माण एवं भंडारण किया जाना पाया गया, जिनमें प्रमुख रूप से “उदयपुर फ्रेश देसी घी”, “उदयपुर फ्रेश काउ घी”, “माध्या देसी घी” तथा “जयन्त काउ घी” शामिल हैं। टैंकों एवं विभिन्न कंटेनरों में भी बड़ी मात्रा में तैयार घी पाया गया। अनेक टिन में बिना लेबल एवं बिना आवश्यक विवरण अंकित किए हुए घी का भंडारण पाया गया, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं था। Food Adulteration

कार्रवाई के दौरान परिसर से फूड कलर (रंग) की बोतलें भी बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि घी में पीला रंग डालकर उसे गाय के घी के रूप में विपणन करने का प्रयास किया जा रहा था। इस संबंध में विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण हेतु नमूने लिए गए हैं। जांच में यह भी पाया गया कि घी निर्माण हेतु विभिन्न स्रोतों से मक्खन खरीदा जा रहा था जिसे गर्म कर घी तैयार किया जा रहा था। Food Adulteration

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत घी के चार विधिक नमूने संग्रहित कर परीक्षण हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए लगभग 18,000 लीटर तैयार घी को मौके पर ही जब्त कर उसके विक्रय एवं वितरण पर रोक लगा दी गई है। Food Adulteration

कृषि उपज मंडी, सवीना स्थित प्रतिष्ठान पर कार्रवाई

अभियान के अंतर्गत केंद्रीय टीम द्वारा कृषि उपज मंडी, सवीना, उदयपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न ब्रांडों के घी एवं दुग्ध उत्पादों का बड़ा स्टॉक पाया गया। उपलब्ध स्टॉक में प्रमुख रूप से महावीर काऊ घी, महावीर देसी घी, महालक्ष्मी घी, मिल्क फूड घी, सोनाई घी, काला काऊ घी, पंचगव्य घी, अमूल तथा नोवा घी सहित विभिन्न दुग्ध उत्पाद शामिल पाए गए। प्रारंभिक सत्यापन के अनुसार विभिन्न ब्रांडों के घी, मक्खन, दुग्ध उत्पादों का लगभग 42 हजार  किलोग्राम से अधिक स्टॉक पाया गया, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। Food Adulteration

निरीक्षण के दौरान महावीर ब्रांड घी (बैच संख्या-1) का स्टॉक भी पाया गया। उल्लेखनीय है कि इस बैच के घी को पूर्व में खाद्य सुरक्षा आयुक्त, राजस्थान द्वारा असुरक्षित (Unsafe Food) घोषित करते हुए उसके विक्रय, वितरण एवं भंडारण पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। प्रतिबंधित एवं असुरक्षित घोषित उक्त घी का स्टॉक पाए जाने पर केंद्रीय टीम द्वारा उसे तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया तथा उसके विक्रय एवं वितरण पर रोक लगा दी गई। संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। Food Adulteration

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि संग्रहित नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने एवं जांच पूर्ण होने के पश्चात यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठानों, संचालकों एवं उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। Food Adulteration

कार्रवाई में संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा, केंद्रीय टीम के खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, अमित शर्मा, लोकेश शर्मा एवं देवेन्द्र सिंह राणावत तथा उदयपुर जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक गुप्ता एवं नरेन्द्र सिंह शामिल रहे। Food Adulteration

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