शहर में 4 स्थानों पर हुई सीज की कार्यवाही

UD टैक्स को लेकर निगम सख्त

 | 

उदयपुर 14 फ़रवरी 2026 । नगरीय विकास कर को लेकर निगम ने शुक्रवार को फिर सख्त कार्यवाही करते हुए 4 संपत्तियों की सीज किया है। निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने स्पष्ट किया है कि निगम, नगरीय विकास कर को लेकर किसी भी प्रकार से कोई रियायत नहीं करेगा। आयुक्त ने शहर वासियों से अपील करते हुए कहा है कि राज्य सरकार द्वारा 31 मार्च तक विशेष छूट का प्रावधान किया है जिसका लाभ लेते हुए अपना नगरीय विकास कर जमा कराए।

आयुक्त अभिषेक खन्ना के अनुसार शुक्रवार को बापू बाजार स्थित आनंद राम जी भगवान दास (अजंता पिक्चर हाउस) जिसका नगरीय विकास कर कुल  6,06,443/- बकाया था जिसे सीज किया गया। बी. एन. कॉलेज रोड, सेवाश्रम, स्थित गुडविल एंटरप्राइजेज की संपत्ति जिसका नगरीय विकास कर कुल 4,65,760/- रूपये बकाया था जिसे भी सीज किया गया। डोरे नगर, सेवाश्रम स्थित पॉपुलर गैस संपत्ति जिसका कुल 3,62,730 /- रुपया नगरीय विकास कर बकाया चल रहा था उसको भी सीज किया गया। प्रतापनगर मेन रोड स्थित अब्दुल रफीक, अब्दुल काशिफ (G.K. Disposal) जिसका कुल 1,72,269/- रुपया नगरीय विकास कर बकाया चल रहा था उसको भी सीज किया गया। 

आयुक्त खन्ना के अनुसार इनके द्वारा नगरीय विकास कर की राशि जमा नहीं कराने से नगर निगम द्वारा इन व्यावसायिक सम्पतियों पर ताला लगा इनकी व्यावसायिक गतिविधियाँ बन्द करा दी गई।  संबंधित फर्मों द्वारा टैक्स बकाया रहने के लिए कोई संतोषप्रद कारण भी नही बताया गया। फर्म से कुल बकाया का नोटिस भी तामिल करवाया जा चुका था। सभी कार्यवाही पूरी करने के उपरांत निगम ने कार्यवाही करते हुए राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा की उपबंधो के अधिन यू डी टैक्स की वसूली की पूर्ती हेतु चार संपतियो को सीज करने की कार्यवाही की गई। कार्यवाही के दौरान राजस्व निरीक्षक मोहित अग्निहोत्री, विजय जैन और भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

सुबह संपत्ति सीज दिन में कर जमा

नगरीय विकास कर को लेकर शुक्रवार सवेरे बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर की 4 संपत्तियों को सीज किया  गया। सीज करने के पश्चात बी. एन. कॉलेज रोड, सेवाश्रम, स्थित गुडविल एंटरप्राइजेज की संपत्ति जिसका नगरीय विकास कर कुल 4,65,760/- रूपये बकाया था, ने निगम आकर अपनी राशि जमा करवाई।
लगातार जारी रहेगी कार्यवाही।

नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने पुनः स्पष्ट किया है कि शहर में सभी प्रतिष्ठान मालिक जिनको नगर निगम द्वारा नगरीय विकास कर जमा करवाने के नोटिस मिल चुके हैं वह निगम कार्यालय में पहुंचकर अपना यूडी टैक्स जमा करवाकर शहर के विकास में अपना सहयोग करें। यदि इसके उपरांत भी नगरीय विकास कर नहीं जमा कराया जाता है तो निगम को सख्त कार्रवाई करते हुए संपत्तियों को सीज किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित फर्म मालिक की ही रहेगी।