Udaipur Times, Udaipur Panchayat Election Update: पंचायतीराज आम चुनाव 2026 के तहत जिले में दूसरे चरण के तहत शुक्रवार को जिले की 6 पंचायत समितियों की 188 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच पदों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से मतदान हुआ। गांव की सरकार चुनने को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखा गया। शाम 6 बजे तक करीब 75 फीसदी मतदान दर्ज हुआ।
जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि द्वितीय चरण के तहत पंचायत समिति गोगुन्दा, बड़गांव, कोटड़ा, देवला, सुलाव तथा सायरा की कुल 188 ग्राम पंचायतों में पंच एवं सरपंच पदों के लिए शुक्रवार सुबह निर्धारित समय पर मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। परम्परागत रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला और महिला एवं पुरुष मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर मतदान में भाग लिया। कई स्थानों पर ग्रामीण अपने परिवार के सदस्यों के साथ मतदान करने पहुंचे। वहीं, महिला मतदाताओं समेत प्रत्येक आयुवर्ग के मतदाताओं में मतदान को लेकर विशेष उत्साह नजर आया।
दिन चढ़ने के साथ बढ़ा मतदान
अंचल में शुक्रवार को मौसम अपेक्षाकृत ठण्डा रहा। आसमान में बादल छाए रहे तथा रूक रूक कर हवा भी चलती रही। दिन चढ़ने के साथ वातावरण सामान्य होता रहा। इससे मतदान केंद्रों पर भी भीड़ बढती रही। सुबह 10 बजे तक 16.33 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद मतदान की गति में तेजी आई और दोपहर 1 बजे तक जिले में कुल 45.34 प्रतिशत, अपराह्न 3 बजे तक 63.92 प्रतिशत तथा शाम छह बजे तक 74.56 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। शाम 6 बजे बाद तक भी कुछ बूथों पर मतदान जारी रहा। मतदान पूर्ण होने के साथ मतगणना का क्रम शुरू हुआ, जो देर रात तक चलता रहा।
बड़गांव पंचायत समिति रही सबसे आगे
बड़गांव पंचायत समिति क्षेत्र में शाम 6 बजे तक सबसे अधिक 82.35 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। वहीं देवला में 81.69 प्रतिशत, कोटड़ा में 79.54 प्रतिशत, सुलाव में 77.32 प्रतिशत, सायरा में में 67.39 प्रतिशत तथा गोगुन्दा में सबसे कम 64.91 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।
महिलाओं ने अपार उत्साह
ग्रामीण परिवेश वाले इस चुनाव में महिला मतदाताओं की भागीदारी बेहद अनूठी रही। सुबह घर का कामकाज निपटाकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं समूहों में मतदान केंद्रों पर पहुंचीं। घूंघट की ओट में कतारों में खड़ी महिलाओं का हौसला पुरुषों से कम नहीं था। उन्होंने गांव के विकास, पानी, बिजली और शिक्षा जैसे मुद्दों पर बेबाक होकर मतदान किया।
युवा, बुजुर्ग और दिव्यांगों का दिखा अनूठा जज्बा
पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाताओं में अमिट स्याही लगवाने का गजब का क्रेज देखा गया। युवाओं ने वोट डालने के बाद उंगली पर लगी स्याही के साथ जमकर सेल्फी ली। वहीं, लोकतंत्र के इस उत्सव में शारीरिक कमजोरी भी आड़े नहीं आई। कई केंद्रों पर बुजुर्ग अपने परिजनों के सहारे लाठी टेकते हुए बूथ तक पहुंचे। दिव्यांग मतदाताओं ने भी व्हीलचेयर और बैसाखियों के सहारे आकर मतदान किया और संदेश दिया कि देश और गांव के विकास में हर एक वोट की कितनी कीमत है।