राजस्थान में शुरू हुई नई व्यवस्था, एक सोलर प्लांट से कई बिजली कनेक्शनों का बिल होगा कम
Udaipur Times, Rajasthan News: 13 जून 2026। राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा के संवर्धन एवं विकास के लिए राज्य की नोडल एजेंसी राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड ने वर्चुअल नेट मीटरिंग व्यवस्था के अंतर्गत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के विद्युत कनेक्शनों के सौरकरण हेतु निविदाएँ आमंत्रित की हैं। इस संबंध में निविदा सूचना संख्या RREC/TN-02/2026-27 दिनांक 12.06.2026 जारी की गई है। Rajasthan News
इस निविदा के अंतर्गत 201 मेगावाट क्षमता के ग्रिड से जुड़े भू-आधारित (ग्राउंड-माउंटेड) सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। ये संयंत्र जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के आपूर्ति क्षेत्र में विभिन्न 33/11 केवी उपकेंद्रों के निकट स्थापित होंगे। इन संयंत्रों से उत्पन्न विद्युत का समायोजन PHED के विभिन्न विद्युत कनेक्शनों की खपत के विरुद्ध वर्चुअल नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत किया जाएगा। यह व्यवस्था राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC) की ग्रिड इंटरएक्टिव डिस्ट्रिब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी जनरेटिंग सिस्टम्स (तृतीय संशोधन) विनियम, 2025 के अनुरूप होगी। Rajasthan News
वर्चुअल नेट मीटरिंग ऐसी व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत एक स्थान पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र से उत्पन्न बिजली को विभिन्न स्थानों पर स्थित अनेक उपभोक्ता कनेक्शनों के विरुद्ध समायोजित किया जा सकता है। संयंत्र द्वारा उत्पादित बिजली ग्रिड में प्रवाहित की जाती है तथा उसके अनुरूप इकाइयों का समायोजन विभिन्न उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में किया जाता है। सरल शब्दों में, एक स्थान पर स्थापित एक सौर संयंत्र अनेक अन्य स्थानों पर स्थित उपभोक्ताओं के बिजली व्यय को कम कर सकता है। Rajasthan News
राज्य में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था विद्युत की सबसे बड़ी एवं महत्वपूर्ण उपभोक्ताओं में से एक है। यह सौरकरण पहल जलापूर्ति संचालन पर होने वाले बिजली व्यय को कम करने तथा उसके स्थान पर स्वच्छ एवं प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है। इस परियोजना से इसकी 25 वर्ष की अवधि में लगभग 2,300 करोड़ रुपये की विद्युत लागत की बचत होने का अनुमान है, जिससे सरकारी राजकोष पर पड़ने वाले वित्तीय भार में कमी आएगी। Rajasthan News
निविदा की प्रमुख विशेषताएं
RESCO मॉडल पर विकास
परियोजनाओं का विकास रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी मॉडल के तहत किया जाएगा, जिसमें चयनित सौर ऊर्जा उत्पादक संयंत्रों का डिजाइन, सर्वेक्षण, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण, कमीशनिंग तथा 25 वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव का कार्य करेंगे। इसके लिए सरकार को कोई पूंजीगत व्यय नहीं करना होगा।
एकल चरणीय, द्वि-भागीय निविदा प्रक्रिया
निविदा प्रक्रिया राजस्थान राज्य ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से एकल चरणीय एवं द्वि-भागीय प्रणाली से संचालित होगी। चयन 25 वर्षों के लिए निविदाकर्ताओं द्वारा उद्धृत समतलीकृत (लेवलाइज्ड) टैरिफ (रु./किलोवाट-घंटा) के आधार पर किया जाएगा।
अधिकतम 50 मेगावाट की सीमा
एक निविदाकर्ता अधिकतम 50 मेगावाट की संचयी क्षमता तक ही बोली लगा सकेगा, जिससे अधिकाधिक डेवलपर्स की भागीदारी एवं प्रतिस्पर्धी दरों की खोज को प्रोत्साहन मिलेगा।
RREC को उम्मीद है कि इस निविदा में डेवलपर्स एवं निवेशकों की व्यापक भागीदारी होगी तथा प्रतिस्पर्धी टैरिफ प्राप्त होंगे। निविदा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 14 जुलाई 2026 है।
विस्तृत निविदा दस्तावेज, कार्यक्षेत्र, पात्रता मानदंड एवं अन्य शर्तें राजस्थान राज्य ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल तथा RREC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
