अरावली में अब बिना सुप्रीम कोर्ट की अनुमति नहीं होगा खनन

लंबित प्रस्तावों के लिए भी सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी जरूरी
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Mining In Aravalli

 

Udaipur Times, Mining in Aravalli: 14 जुलाई 2026। अरावली पर्वतमाला में खनन को लेकर खान एवं भूविज्ञान विभाग ने नया सर्कुलर जारी किया है। अब अरावली क्षेत्र में बिना सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के कोई भी खनन कार्य शुरू नहीं किया जा सकेगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लिया गया है। Mining in Aravalli

विभाग के अनुसार, जिन खनन प्रस्तावों पर अभी फैसला लंबित है, उन्हें केवल सशर्त पर्यावरण मंजूरी दी जा रही है। इसके बाद भी संबंधित पट्टाधारकों को सुप्रीम कोर्ट से अलग से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद ही खनन शुरू किया जा सकेगा। Mining in Aravalli

नए खनन पट्टों पर पहले से रोक

केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने दिल्ली से गुजरात तक फैली पूरी अरावली पर्वतमाला में नए खनन पट्टे (लीज) जारी करने पर पहले से ही रोक लगा रखी है। इस कारण इस क्षेत्र में नई खदानों की अनुमति नहीं दी जा रही है। Mining in Aravalli

अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अरावली से जुड़े राजस्थान के 20 जिलों में खान विभाग, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। इन टीमों द्वारा अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का इंतजार

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र की सीमाओं को स्पष्ट करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई है। जब तक समिति अपनी रिपोर्ट नहीं देती, तब तक पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। Mining in Aravalli

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