जिले में चाईनीज़ मांझे के उपयोग व विक्रय पर प्रतिबंध
आदेश 31 जनवरी तक प्रभावी रहेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि यह मांझा दुपहिया वाहन चालकों, पक्षियों व विद्युत का सुचालक होने के कारण पंतग उड़ाने वाले के लिए नुकसानदायक है तथा विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न कर सकता हैं।
उदयपुर, 26 दिसंबर 2019 । जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती आनन्दी ने एक आदेश जारी कर जिले के क्षेत्राधिकार में चाईनिज मांझे के उपयोग एवं विक्रय की निषेधाज्ञा जारी की है।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि यह मांझा दुपहिया वाहन चालकों, पक्षियों व विद्युत का सुचालक होने के कारण पंतग उड़ाने वाले के लिए नुकसानदायक है तथा विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न कर सकता हैं।
कलक्टर ने धारा 144 दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोक स्वास्थ्य व विद्युत संचालन को बाधारहित बनाये रखने के लिए एवं पक्षियों के लिए बडे़ पैमाने पर खतरा बन चुके “धातु निर्मित मांझे“ की थोक एवं खुदरा बिक्री व उपयोग को निषेघ-प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया है और बताया कि यह आदेश 31 जनवरी तक प्रभावी रहेगा।