राजस्थान में ट्रैक्टर और बाइक मालिकों को बड़ी राहत, RC रिन्यू कराने पर लेट फीस में भारी छूट
Udaipur Times, Rajasthan News: 7 जुलाई 2026। राज्य सरकार ने किसानों, वाहन स्वामियों एवं सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग, राजस्थान ने एक ओर कृषि ट्रैक्टर एवं गैर-परिवहन श्रेणी के दोपहिया वाहनों के पंजीयन प्रमाण-पत्र (RC) के नवीनीकरण में देरी पर देय अतिरिक्त शुल्क में विशेष राहत प्रदान की है, वहीं दूसरी ओर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना में व्यावसायिक उपयोग में लाई जा रही कृषि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पंजीकरण, कराधान, फिटनेस, बीमा एवं प्रवर्तन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। Rajasthan News
परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया की RC नवीनीकरण शुल्क में दी गई विशेष राहत 30 सितम्बर 2026 तक प्रभावी रहेगी। अधिसूचना के अनुसार कृषि कार्य में प्रयुक्त ट्रैक्टरों के RC नवीनीकरण में एक वर्ष तक की देरी होने पर अतिरिक्त शुल्क 500 रुपये प्रति माह की दर से लिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 2,500 रुपये निर्धारित की गई है। यदि देरी एक वर्ष से अधिक है, तब भी अधिकतम अतिरिक्त शुल्क 5,000 रुपये ही देय होगा। Rajasthan News
इसी प्रकार गैर-परिवहन श्रेणी के दोपहिया वाहनों के लिए आरसी नवीनीकरण में विलंब होने पर 300 रुपये प्रति माह की दर से अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 1,000 रुपये निर्धारित की गई है। विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे 30 सितम्बर 2026 से पूर्व इस विशेष छूट का लाभ उठाते हुए अपने वाहनों का RC नवीनीकरण अवश्य करा लें। Rajasthan News
परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया की राज्य में बड़ी संख्या में कृषि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग ईंट, बजरी, पत्थर, रेत, खनिज, निर्माण सामग्री एवं अन्य माल के व्यावसायिक परिवहन में किया जा रहा है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार किसी भी वाहन का वर्गीकरण उसके वास्तविक उपयोग के आधार पर किया जाना आवश्यक है। इसी के अनुरूप व्यावसायिक उपयोग में आने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। Rajasthan News
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि कोई कृषि ट्रैक्टर-ट्रॉली माल परिवहन, निर्माण कार्य, खनन, व्यापारिक गतिविधियों अथवा अन्य व्यावसायिक प्रयोजनों में उपयोग की जाती है, तो उसका व्यावसायिक पंजीकरण अनिवार्य होगा। केवल कृषि कार्य में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉलियां इस व्यवस्था से मुक्त रहेंगी। Rajasthan News
व्यावसायिक उपयोग वाली प्रत्येक ट्रॉली का पृथक पंजीकरण किया जाएगा तथा उसे अलग पंजीकरण क्रमांक एवं विशिष्ट चेसिस नंबर आवंटित किया जाएगा। ऐसे वाहनों के संचालन के लिए वैध पंजीकरण प्रमाण-पत्र, फिटनेस प्रमाण-पत्र, व्यावसायिक बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUC), नियमानुसार वैध ड्राइविंग लाइसेंस तथा निर्धारित मोटर वाहन कर का भुगतान अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। Rajasthan News
परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के अनुसार इन दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा एवं बूंदी जिलों में विशेष संयुक्त प्रवर्तन अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, खनन विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियां समन्वित रूप से कार्रवाई करेंगी। इसके बाद इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को वाहन डीलरों, निर्माताओं, व्यापारिक संगठनों, मंडी समितियों, पुलिस विभाग, खनन विभाग एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वाहन स्वामी समय पर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर सकें। Rajasthan News
परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया की इन दोनों निर्णयों से एक ओर किसानों एवं आम वाहन स्वामियों को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के व्यावसायिक संचालन में पारदर्शिता आएगी, अवैध खनन एवं अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों की प्रभावी पालना सुनिश्चित होगी। Rajasthan News
