देवास-अकोदडा बांध तक निर्मित होने वाली सुरंग का लिया जायजा
देवास परियोजना
उदयपुर 4 अप्रैल 2026। राज्य सरकार के निर्देशानुसार बजट घोषणाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के तहत जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता/सहायक अभियंताओं द्वारा निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जल संसाधन संभाग बांसवाड़ा के मुख्य अभियंता देवी सिंह बेनीवाल ने शनिवार को देवास तृतीय एवं चतुर्थ परियोजनाओं के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने कहा कि देवास तृतीय एवं चतुर्थ परियोजनाओं के कार्यान्वयन से उदयपुर शहर की दीर्घकालिक पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित होगी। साथ ही पिछोला स्वरूप सागर फतहसागर एवं जन्य झीलों का जलस्तर बनाए रखने में सहायता मिलेगी जिससे पर्यटन पर्यावरण एवं पारिस्थितिक संतुलन को स्थिर रखा जा सकेगा।
इस कार्य के अन्तर्गत देवास तृतीय परियोजना के अंतर्गत उदयपुर जिला के गोगुंदा तहसील के नाथियाथल गांव के निकट 703 MCFT क्षमता का देवास तृतीय बांध का निर्माण करना प्रस्तावित है इसमें 10.50 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण कर देवास द्वितीय आकोदडा बांध में जल अपवर्तन किया जाएगा। पूर्व निर्मित आकोदडा बांध एवं सुरंग से उदयपुर शहर की पिछोला झील में जल अपवर्तन होगा। देवास चतुर्थ परियोजना के अंतर्गत उदयपुर जिले के गोगुंदा तहसील के अंबावा गांव के निकट 390 एमसीएफटी क्षमता का देवास चतुर्थ बांध का निर्माण कर इससे 4.15 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण कर देवास तृतीय बांध से जोड दिया जाएगा ।
निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर पहुंचकर निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता तथा निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप क्रियान्वयन की तथा परियोजना की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि देवास तृतीय एवं चतुर्थ परियोजना के अंतर्गत वन भूमि प्रत्यावर्तन हेतु सैद्धांतिक अनुमोदन केंद्र सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरमेंट फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज नई दिल्ली द्वारा आवश्यक शर्तों सहित जारी किया जा चुका है। उक्त अनुमोदन में आरोपित शर्तों की पालना हेतु विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत भूमि अयाप्ति अधिकारी गोगुंदा द्वारा जारी किए गए अवार्ड निर्णय के तहत मुआवजा राशि वितरण का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। साथ ही परियोजना से प्रभावित शेष परिवारों हेतु विशेष अनुग्रह राशि का प्रस्ताव वर्तमान में प्रक्रियाधीन है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता महोदय द्वारा आदेशित किया गया कि परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनर व्यवस्थापन के तहत प्रत्येक परिवार को आवश्यक समस्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए जिससे कोई भी परिवार किसी भी प्रकार की सुविधा से वंचित न रहे।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए तथा श्रमिकों के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध रहे। साथ ही, उन्होंने कार्य में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने, निर्माण सामग्री की जांच नियमित रूप से सुनिश्चित करने तथा कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियन्ता मनोज जैन, सहायक अभियन्ता कुणाल मीटवानी व कनिष्ठ अभियन्ता भरत कुमार, जितेन्द्र नागदा तथा कार्यकारी एजेन्सी के प्रतिनिधी उपस्थित रहे।
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