राजस्थान विद्युत विभाग के 5000 FRT कार्मिकों को दुर्घटना बीमा का तोहफा
Udaipur Times, Rajasthan News: प्रदेश में विद्युत तंत्र की मेंटेनेन्स कर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में विद्युत वितरण निगमों को सेवाएं दे रहे 5 हजार FRT कार्मिकों को भारतीय स्टेट बैंक से अधिकतम 30 लाख रूपए का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध होगा। शारीरिक निशक्तता की स्थिति में बैंक से वे 15 लाख रूपए तक का दुर्घटना बीमा क्लेम पा सकेंगे।
FRT कार्मिकों तथा उनके परिवारों को विद्युत दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा का संबल प्रदान करने की ऊर्जा विभाग ने पहल की है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की उपस्थिति में गुरूवार को विद्युत भवन में FRT सेवा प्रदाता कम्पनी तथा भारतीय स्टेट बैंक के मध्य MoU पर हस्ताक्षर किए गए। नागर ने इस अवसर पर राज्य के आधिकारिक ड्रिस्ट्रिब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग टूल की भी लॉन्चिंग की। कार्यक्रम में ऊर्जा सचिव आरती डोगरा, ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक शिव प्रसाद नकाते, उत्पादन निगम के CMD देवेन्द्र श्रृंगी सहित विद्युत निगमों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
FRT सेवा प्रदाता तथा SBI ने की नेक शुरूआत
नागर ने इस अवसर पर कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में FRT कार्मिक हमारे महत्वपूर्ण भागीदार हैं। विद्युत तंत्र के रख-रखाव के दौरान कई बार लापरवाही अथवा भूलवश विद्युत दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इनमें दुर्भाग्य से FRT कार्मिकों की असामयिक मृत्यु तक हो जाती है। ऐसे में उनके परिवार तथा हम सभी गहरी पीड़ा से गुजरते हैं। उन्हें संबल प्रदान करने के लिए FRT सेवा प्रदाता कम्पनी तथा भारतीय स्टेट बैंक ने MoU कर एक नेक शुरूआत की है।
पूर्व में 91 विद्युत कार्मिकों को मिली 15 करोड़ 30 लाख़ की आर्थिक सुरक्षा
ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने बताया कि पूर्व में विद्युत निगमों में कार्यरत कार्मिकों को भी SBI के सहयोग से निशुल्क दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया जा चुका है। जिससे कार्मिकों को व्यापक लाभ मिल रहा है। अब तक 82 कार्मिकों के आश्रितों को सामूहिक सावधि बीमा योजना में 8 करोड़ 20 लाख़ रूपए तथा 8 कार्मिकों के आश्रितों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना में 6 करोड़ 60 लाख़ रूपए बीमा राशि प्रदान की गई है। स्थाई निशक्तता होने पर जयपुर डिस्कॉम के एक कार्मिक को 50 लाख़ रूपए की मुआवजा राशि प्रदान की गई है। FRT कार्मिकों के लिए हुए इस MoU से उन्हें भी आर्थिक संबल मिल सकेगा।
