जाने क्या होती है पेड न्यूज? जिसकी निगरानी के लिए मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया
Udaipur Times, UMC Election 2026। उदयपुर समेत पूरे राजस्थान मे इन दिनों नगर निकाय चुनावों की धूम मची हुई है। मैन स्ट्रीम मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक चुनावों की चर्चा से लेकर प्रत्याशी अपने पक्ष मे प्रचार भी कर रहे है। मीडिया समूह समाचार के नाम पर किसी पार्टी विशेष और उम्मीदवार विशेष के पक्ष मे प्रचार कर रहे है।
ऐसे मे राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, चुनाव के दौरान पेड न्यूज पर पैनी नजर रखने और उसकी प्रभावी मॉनीटरिंग के लिए जिला स्तर पर चार सदस्यीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी (एमएमसी) का गठन किया गया है।
यह है पेड न्यूज की परिभाषा
भारतीय प्रेस परिषद और भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, किसी भी मीडिया (प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक) में नकद या वस्तु के रूप में भुगतान के बदले प्रकाशित या प्रसारित होने वाली कोई भी खबर या विश्लेषण पेड न्यूज कहलाता है। इसके तहत किसी उम्मीदवार या दल के पक्ष में इस तरह से प्रचार किया जाता है, जिससे वह विज्ञापन न लगकर एक सामान्य समाचार या आलेख जैसा प्रतीत हो। इससे आम पाठक या दर्शक भ्रमित हो जाते हैं। यह निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करता है क्योंकि मतदाता को उम्मीदवार की सही तस्वीर नहीं मिल पाती। उम्मीदवार अक्सर इस छिपे हुए विज्ञापन के खर्च को अपने आधिकारिक चुनावी व्यय में नहीं दर्शाते, जो कि चुनावी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
नवगठित जिला स्तरीय कमेटी में अध्यक्ष जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) होंगे। वहीं उपनिदेशक जनसंपर्क को सदस्य सचिव बनाया गया है। विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, उदयपुर तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर-शहर को कमेटी में सदस्य नियुक्त किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आगामी नगरीय निकाय और पंचायत आम चुनाव-2026 को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावमुक्त बनाना है, ताकि चुनावों में पेड न्यूज के जरिए मतदाताओं को प्रभावित न किया जा सके।