नगर निकाय चुनाव-2026: मतदान केंद्रों पर मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रोक
Udaipur Times, Udaipur Municipal Election 2026: उदयपुर मे आगामी नगर निकाय आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने तथा चुनाव के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए उदयपुर जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया गया है।
मतदान केंद्रों पर मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रोक
मतदान दिवस पर मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति को मोबाइल फोन, वायरलेस सेट अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लाने या उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। मतगणना स्थल पर भी निर्धारित सीमा के भीतर ऐसे उपकरणों के उपयोग पर रोक रहेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरपालिकाओं एवं पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के दौरान कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के तहत संवेदनशील एवं क्रिटिकल मतदान केंद्रों की पहचान कर वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
90 प्रतिशत से अधिक मतदान वाले केंद्र भी क्रिटिकल श्रेणी में
क्रिटिकल मतदान केंद्रों में ऐसे केंद्रों को भी शामिल किया जाएगा, जहां पिछले आम चुनाव में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ हो और 75 प्रतिशत से अधिक मत किसी एक अभ्यर्थी के पक्ष में पड़े हों। इसके अलावा पिछले चुनावों में हिंसा, मारपीट, बूथ कैप्चरिंग अथवा पुनर्मतदान जैसी घटनाओं वाले केंद्र तथा धार्मिक, जातिगत या आर्थिक-सामाजिक असमानता के आधार पर हिंसा की आशंका वाले क्षेत्रों को भी चिन्हित किया जाएगा। बड़ी संख्या में आदतन अपराधी या असामाजिक तत्वों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों को भी क्रिटिकल श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
असामाजिक तत्वों पर रहेगी विशेष निगरानी
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने, हिस्ट्रीशीटर एवं आदतन अपराधियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने तथा आवश्यकता होने पर समयबद्ध कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मतदान दिवस पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के साथ अवैध शराब, हथियार, गोला-बारूद एवं मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
अनुज्ञापत्रधारी हथियारों पर भी निगरानी
निर्देशों के तहत चुनाव के दौरान अनुज्ञापत्रधारी हथियारों को जमा कराने के मामलों की जांच के लिए जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी संबंधित प्रकरणों की जांच कर यह तय करेगी कि किन अनुज्ञापत्रधारियों के हथियार जमा कराए जाने आवश्यक हैं। इनमें जमानत पर छूटे व्यक्ति, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति, दंगा-फसाद में शामिल रहे लोग तथा कमजोर वर्ग के लोगों को डराने-धमकाने की शिकायत वाले व्यक्ति शामिल हैं।
हर सप्ताह होगी कानून-व्यवस्था की समीक्षा
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार संभागीय आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक/आयुक्त अपने-अपने संभाग में जिला मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षक के साथ नियमित बैठक कर चुनावी कानून-व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी को भी निर्धारित अंतराल पर कानून-व्यवस्था संबंधी रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
