राजस्थान में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अब व्हाट्सएप पर, सरकार ने शुरू की नई सुविधा
Udaipur Times, Rajasthan News: 12 जून 2026। राज्य सरकार ने जन्म एवं मृत्यु पंजीयन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने के लिए विभिन्न डिजिटल सुविधाएं शुरू की हैं। विभागीय पोर्टल ‘पहचान’ के माध्यम से जन्म, मृत्यु एवं विवाह घटनाओं का ऑनलाइन पंजीयन किया जा रहा है, जिससे आमजन को घर बैठे ही कई सेवाओं का लाभ मिल रहा है। Rajasthan News
आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक पुनीत शर्मा ने बताया कि पहचान पोर्टल और पहचान एप के माध्यम से जारी ई-साइन एवं डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र पूर्णतः मान्य दस्तावेज हैं। इनका सत्यापन क्यूआर कोड एवं पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 के तहत नवजात शिशु का पंजीकरण बिना नाम के भी कराया जा सकता है तथा जन्म पंजीकरण की तिथि से एक वर्ष के भीतर निशुल्क ऑनलाइन नाम जोड़ने की सुविधा उपलब्ध है। आमजन की सुविधा के लिए अब जन्म, मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र व्हाट्सएप के माध्यम से भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही विभागीय व्हाट्सएप चैटबॉट के जरिए पंजीयन, आवेदन की स्थिति, रजिस्ट्रार एवं उप-पंजीयक से संबंधित जानकारियां भी प्राप्त की जा सकती हैं। Rajasthan News
शर्मा ने बताया कि जन्म रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन के लिए राजस्थान ई-आर्काइवल मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से राजपत्र अधिसूचना जारी होने के बाद रिकॉर्ड में संशोधन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त गोद लिए गए बच्चों के जन्म पंजीकरण, गुमशुदा व्यक्तियों की मृत्यु के पंजीकरण तथा आधार लिंकिंग संबंधी प्रक्रियाओं को भी स्पष्ट एवं सरल बनाया गया है। राजस्थान जन आधार प्राधिकरण द्वारा नवजात शिशुओं का स्वतः जनआधार नामांकन तथा मृत्यु होने पर संबंधित सदस्य का नाम जनआधार परिवार से स्वतः हटाने की व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके लिए जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाते समय आवश्यक आधार एवं जन आधार विवरण दर्ज करना होगा। Rajasthan News
विशेष सुविधाएं - एक नजर में
पहचान पोर्टल एवं एप से ऑनलाइन जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन।
डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों की वैधता एवं क्यूआर कोड से सत्यापन।
जन्म पंजीकरण के एक वर्ष तक निशुल्क नाम जोड़ने की सुविधा।
व्हाट्सएप के माध्यम से प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था।
चैटबॉट से आवेदन स्थिति और संबंधित अधिकारियों की जानकारी।
नवजात शिशुओं का स्वतः जनआधार नामांकन।
मृत्यु के बाद जनआधार परिवार से सदस्य का नाम स्वतः हटाने की सुविधा।
