राजस्थान मे लोक अभियोजकों एवं विधि अधिकारियों की फीस में बढ़ोतरी
Udaipur Times, Rajasthan News: मुख्यमंत्री ने उच्च न्यायालय में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले विधि अधिकारियों की रिटेनरशिप और एपीयरेंस फीस बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही उनकी ड्राफ्टिंग एवं ओपिनियन फीस में भी वृद्धि करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि विधि अधिकारियों की समस्याओं के समाधान और उनके साथ नियमित संवाद के लिए अतिरिक्त महाधिवक्ताओं को संभागवार जिम्मेदारी दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों में नियुक्त विधि अधिकारियों के पारिश्रमिक में अब तक दो बार वृद्धि की है। कार्यक्रम में लोक अभियोजकों एवं विधि अधिकारियों ने पारिश्रमिक एवं फीस में वृद्धि किए जाने के फैसले पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले एवं विभागों में ऐसे प्रकरणों की सूची तैयार की जाए तथा इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो।
राज्य सरकार ने 80 न्यायालयों का किया सृजन
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 14 जिला एवं सेशन न्यायालय, 2 अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय, 8 सीजेएम, 8 एसीजेएम सहित एसीबी, पॉक्सो, एन.आई., एनडीपीएस और वाणिज्यिक न्यायालय सृजित किए हैं।। साथ ही, राज्य सरकार ने राजस्थान उच्च न्यायालय में 10 अतिरिक्त महाधिवक्ता, 9 एजीसी एवं 2 विशिष्ट लोक अभियोजक के नए पदों का भी सृजन किया है। नवीन अतिरिक्त महाधिवक्ताओं के कार्यालयों के लिए मंत्रालयिक संवर्ग के कुल 40 नवीन पद सृजित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लोक अभियोजक, विशिष्ट लोक अभियोजक एवं अपर लोक अभियोजक के 76, अधीनस्थ कार्यालयों में मंत्रालयिक संवर्ग के 109 तथा होमगार्ड के 77 नवीन पद सृजित किए हैं। इसके अलावा लोक अभियोजकों के कार्य को सुगम बनाने के लिए कार्यालयों की स्थापना के साथ ही कम्प्यूटर, अधीनस्थ स्टाफ जैसी सुविधाओं पर भी काम हो रहा है।
इस अवसर पर महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद, प्रमुख शासन सचिव विधि राघवेंद्र काछवाल सहित अतिरिक्त महाधिवक्ता, लोक अभियोजक एवं विधि अधिकारीगण उपस्थित रहे।
