अब राशन में नहीं होगी तौल की गड़बड़ी, ब्लूटूथ तकनीक से जुड़ेगी POS मशीन
उदयपुर 27 जनवरी 2026। राजस्थान में सरकारी राशन केंद्रों से गेहूं कम मिलने की शिकायतों पर अब हमेशा के लिए रोक लगने वाली है। गरीब परिवारों को गेहूं वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को खत्म करने के उद्देश्य से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने नई तकनीक लागू करने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत राशन दुकानों पर लगी पॉस मशीन और गेहूं तौलने वाली इलेक्ट्रॉनिक तराजू को ब्लूटूथ तकनीक के जरिए आपस में जोड़ा जाएगा। इससे तौल में किसी भी तरह की हेराफेरी संभव नहीं हो पाएगी। यदि उपभोक्ता के हक का गेहूं पूरा वजन नहीं होगा, तो पॉस मशीन से रसीद ही जारी नहीं होगी।
इस प्रणाली के लागू होने के बाद यदि किसी उपभोक्ता को 10 किलो गेहूं मिलना है, तो तराजू पर पूरा 10 किलो वजन होने के बाद ही मशीन ‘ओके’ दिखाएगी और रसीद निकलेगी। इससे उपभोक्ताओं को यह भरोसा रहेगा कि पर्ची में लिखा वजन उतना ही गेहूं वास्तव में उन्हें मिला है।
अब तक कई मामलों में आरोप लगते रहे हैं कि राशन दुकानदार मशीन पर पूरा वजन दिखाकर तौल के दौरान चालाकी कर लेते थे, लेकिन नई तकनीक से यह पूरी तरह संभव नहीं होगा। फरवरी महीने से गेहूं वितरण में इस मॉडल को लागू करने की तैयारी की जा रही है।
जिला रसद अधिकारी मनीष भटनागर ने बताया कि उदयपुर जिले में हर महीने करीब 7700 मीट्रिक टन गेहूं का वितरण किया जाता है। नई प्रणाली लागू होने से वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी। फरवरी माह में पूरे राजस्थान में 21.33 लाख मीट्रिक टन गेहूं वितरण के लिए आवंटित किया गया है।
नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं के साथ-साथ दुकानदारों को भी लाभ होगा और राशन वितरण प्रणाली में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ेगी।