Rajasthan News: विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम; 12 Nov को प्रारूप मतदाता सूचियों का प्रकाशन
11 दिसंबर तक दर्ज कराए जा सकेंगे दावे एवं आपत्तियां; 4 जनवरी, 2027 को होगा मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन
UdaipurTimes, October 29, 2026 | Rajasthan News: भारत निर्वाचन आयोग ने अर्हता तिथि 1 जनवरी, 2027 के संदर्भ में राजस्थान में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision-2027) का कार्यक्रम निर्धारित किया है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन ने प्रदेश के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
महाजन ने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों का मतदाता सूची में पंजीकरण सुनिश्चित करना, मतदाता सूचियों की प्रविष्टियों को अद्यतन करना तथा मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित एवं अपात्र व्यक्तियों के नाम नियमानुसार हटाकर मतदाता सूचियों को अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना है।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सारणी
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम में मतदान केंद्रों के रेशनलाइज़ेशन से शिथिलन प्राप्त होने से अब केवल मतदाता सूची से संबंधित कार्य ही किए जाने है जिसके अनुसार एकीकृत मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 12 नवंबर, 2026 को होगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर, 2026 तक मतदाता सूचियों के संबंध में दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर, 2026 तक किया जाएगा तथा मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी, 2027 को होगा।
युवा मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान
श्री महाजन ने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं तथा पहली बार मतदान करने वाले पात्र नागरिकों के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर, 2027 की आगामी अर्हता तिथियों पर पात्र होने वाले युवा भी अग्रिम आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इन आवेदनों का निस्तारण संबंधित अर्हता तिथि के अनुसार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग इस आशय के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं रहे तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं हो।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने एवं संशोधन के लिए निर्धारित प्रपत्र
मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए पात्र नागरिक फॉर्म-6, प्रवासी भारतीय मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए फॉर्म-6ए, नाम हटवाने अथवा किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 तथा निवास स्थान परिवर्तन, प्रविष्टियों में सुधार, मतदाता फोटो पहचान पत्र के प्रतिस्थापन एवं दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नित करवाने के लिए फॉर्म-8 में आवेदन कर सकेंगे।
नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल voters.eci.gov.in अथवा ECINET ऐप के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
विशेष शिविरों एवं हेल्प डेस्क के माध्यम से मिलेगी सुविधा
पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आवश्यकतानुसार विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान एवं शिविर आयोजित किए जाएंगे। विशेष रूप से युवा, वंचित, कमजोर, हाशिए पर रहने वाले वर्गों के पात्र नागरिकों एवं प्रवासी पात्र नागरिकों के पंजीकरण के लिए प्रयास किए जाएंगे। जिला एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर आवश्यकतानुसार हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, ताकि नागरिकों को मतदाता पंजीकरण एवं संबंधित प्रक्रियाओं में सहायता मिल सके।
नागरिकों व राजनीतिक दलों से अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं संबंधित कार्मिकों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए पुनरीक्षण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र नागरिकों तथा राजनीतिक दलों से अपील भी की है कि वह पात्र नागरिकों का आवश्यकता अनुसार नाम जुड़वाने, संशोधन करवाने अथवा विलोपित करने के लिए ऑनलाइन अथवा बीएलओ के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करें।
राजस्थान में लगभग 7 लाख आवेदन प्राप्त
राजस्थान में 18 से 19 आयु वर्ग के पात्र युवाओं एवं प्रथम बार मतदाता बनने वाले नागरिकों के पंजीयन हेतु 1 अक्टूबर, 2026 से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत राज्य में अब तक लगभग 7 लाख फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं।
अभियान के अंतर्गत जिलों में मतदाता पंजीयन की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा में बालोतरा जिला प्रथम स्थान पर रहा। इसके अतिरिक्त बांसवाड़ा, ब्यावर, भरतपुर तथा डीग का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा।
सर्वाधिक उपलब्धि वाले 15 जिले
- बालोतरा
- बांसवाड़ा
- ब्यावर
- भरतपुर
- डीग
- धौलपुर
- पाली
- कोटपूतली-बहरोड़
- झुंझुनूं
- प्रतापगढ़
- गंगानगर
- सवाई माधोपुर
- दौसा
- सीकर
- चूरू
दूसरी ओर, कुछ जिलों में पंजीयन की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई है। बाड़मेर जिला सबसे पीछे रहा। कोटा , जयपुर, राजसमंद तथा नागौर में भी पंजीयन की प्रगति में सुधार की आवश्यकता है।
निर्वाचन विभाग द्वारा सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को अभियान की नियमित समीक्षा करने तथा पात्र युवाओं के पंजीयन में तेजी लाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। विशेष रूप से कम प्रगति वाले जिलों में शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर 18–19 आयु वर्ग के पात्र विद्यार्थियों की पहचान, फॉर्म प्राप्ति एवं पंजीयन की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाएगा।
निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी पात्र नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित हो और कोई भी पात्र मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।