Udaipur Times, Birth-Death Certificate Rules : राजस्थान मे 1 अक्टूबर 2026 से भारत सरकार द्वारा जारी जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधान पूर्णतः प्रभावी हो जाएंगे।
इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं जिला कलक्टर, उदयपुर गौरव अग्रवाल ने जिले के संबंधित अधिकारियों को संशोधित प्रावधानों की अनिवार्य रूप से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। संशोधित अधिनियम की धारा 13(3) एवं 13(3।) के तहत एक वर्ष से अधिक विलंब से होने वाले जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। Birth-Death Certificate Rules
एक से दो वर्ष तक विलंब पर सक्षम कार्यपालक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी
संशोधित प्रावधान के अनुसार, किसी जन्म या मृत्यु की घटना की सूचना घटना के एक वर्ष के बाद, लेकिन दो वर्ष के भीतर रजिस्ट्रार को दी जाती है, तो उसका पंजीकरण संबंधित क्षेत्र के जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड मजिस्ट्रेट अथवा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा जन्म या मृत्यु की शुद्धता का सत्यापन किए जाने के बाद जारी आदेश और निर्धारित शुल्क के भुगतान पर ही किया जा सकेगा। Birth-Death Registration Rules
दो वर्ष से अधिक विलंब पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश
वहीं, यदि जन्म या मृत्यु की सूचना घटना के दो वर्ष के बाद रजिस्ट्रार को दी जाती है, तो पंजीकरण संबंधित क्षेत्राधिकार वाले प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जन्म या मृत्यु की शुद्धता का सत्यापन किए जाने के बाद जारी आदेश तथा निर्धारित शुल्क के भुगतान पर ही किया जा सकेगा। जिला कलक्टर ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 1 अक्टूबर 2026 के बाद संशोधित प्रावधानों की अनिवार्य रूप से पालना सुनिश्चित कराई जाए। Death Birth Cerificate Registration Rule