उदयपुर मे मावा बर्फ़ी का नमूना अमानक पाए जाने पर रेस्टोरेंट के खिलाफ चालान पेश
Udaipur Times, Food Safety Campaign: उदयपुर जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक आदित्य के निर्देश अनुसार शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान लगातार जारी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक आदित्य ने बताया कि पिछले दिनों नोडल खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता द्वारा मैसर्स न्यू श्री धर्मराज स्वीट्स एवं रेस्टोरेंट देबारी से लिया गया मावा बर्फी का नमूना जांच में अमानक पाये जाने पर चालान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) उदयपुर न्यायालय में पेश किए गए हैं।
न्यायालय द्वारा नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जावेगी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अनुसार नमूना मिसब्रांड पाये जाने पर 3 लाख रुपए तक, अमानक पाये जाने पर 5 लाख रुपए तक जुर्माने एवं अनसेफ पाये जाने पर 6 माह से लेकर आजीवन कारावास एवं 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है।
दीपावली अभियान के तहत मावा बाजार भोपालवाडी में मावा विक्रेता की जांच की तथा मैसर्स रवि मावा भण्डार एवं मैसर्स गुरु कृपा मावा भण्डार भोपालवाडी दोनों प्रतिष्ठान से मावा का नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच हेतु भेजा गया है। निरीक्षण के दौरान रवि मावा भण्डार पर अनियमितताएं पाई गई। यह है कि यहां कार्यरत कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं पाये गये, पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट नहीं पायी गयी इस पर विक्रेता को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 के तहत इंम्पप्रूमेंट नोटिस जारी किए जाएंगे।