उदयपुर चीरवा टनल मॉक ड्रिल में उजागर हुई खामियां, रेस्क्यू ऑपरेशन 1 घंटे से अधिक देरी से शुरू
Udaipur Times, Udaipur Chirwa Tunnel Mock Drill: उदयपुर-नाथद्वारा नेशनल हाईवे स्थित चीरवा टनल में बुधवार को मानसून के दौरान संभावित लैंडस्लाइड और सड़क दुर्घटना से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने और दो वाहनों की टक्कर का काल्पनिक दृश्य तैयार किया गया, जिसमें चार लोगों के घायल होने का परिदृश्य बनाया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान NDRF, SDRF, पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी सामने आई। निर्धारित समय सुबह 10 बजे के बजाय रेस्क्यू ऑपरेशन करीब सवा घंटे की देरी से सुबह 11:15 बजे शुरू हो सका। बताया गया कि जिला प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर जायजा लेने नहीं पहुंचा।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत टनल में एक लेन पर वाहनों की आवाजाही रोकी गई। हाईवे पूरी तरह बंद नहीं किया गया, लेकिन एक लेन चालू रहने से करीब 20 मिनट तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही और हल्का जाम लग गया।
मॉक ड्रिल के तहत सुबह 11:15 बजे टनल में लैंडस्लाइड और दो वाहनों की टक्कर का काल्पनिक हादसा दर्शाया गया। सुबह 11:22 बजे सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंचीं। इसके बाद सुबह 11:30 बजे कटर की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे घायलों को बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया और एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। सुबह 11:45 बजे दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर मार्ग साफ किया गया, जिसके बाद एक लेन पर यातायात सामान्य किया गया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में बचाव कार्यों की तैयारी का परीक्षण करना था, लेकिन अभ्यास के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया को लेकर कई कमियां भी सामने आईं।
