Udaipur Municipal Election 2026: चुनावी पेम्फलेट-पोस्टर के मुद्रण में नियमों की पालना जरूरी

 | 
Udaipur Municipal Election 2026

 

Udaipur Times, Udaipur Municipal Election 2026: उदयपुर नगर निगम सहित आगामी नगरीय निकाय चुनावों के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के साथ ही चुनावी प्रचार सामग्री के मुद्रण को लेकर निर्धारित प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल के निर्देशन में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) जितेंद्र ओझा के सानिध्य में कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में शहर के प्रिंटिंग प्रेस प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित हुई।

प्रचार सामग्री पर मुद्रक एवं प्रकाशक की जानकारी अनिवार्य रूप से हो अंकित

बैठक में एडीएम सिटी ने विभिन्न मुद्रक एवं प्रिंटिंग प्रेस प्रतिनिधियों को चुनावी पुस्तिकाओं, पेम्फलेट, पोस्टर एवं अन्य प्रचार सामग्री के मुद्रण से संबंधित वैधानिक प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127-क के प्रावधान नगरीय निकाय एवं पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में भी लागू हैं। ऐसे में आदर्श आचार संहिता प्रभावी होते ही चुनाव संबंधी सामग्री के मुद्रण में इन प्रावधानों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जानी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि किसी भी चुनावी पुस्तिका, पोस्टर, पेम्फलेट अथवा अन्य मुद्रित प्रचार सामग्री के मुखपृष्ठ पर उसके मुद्रक (प्रिंटर) एवं प्रकाशक (पब्लिशर) का नाम तथा पता स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य है। बिना आवश्यक विवरण के ऐसी चुनावी सामग्री का मुद्रण अथवा प्रकाशन नहीं किया जा सकेगा।

घोषणा पत्र की भी है अनिवार्यता

एडीएम ने कहा कि चुनावी पुस्तिका अथवा पोस्टर के मुद्रण से पूर्व मुद्रक द्वारा प्रकाशक से निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) प्राप्त करना आवश्यक है। घोषणा-पत्र में प्रकाशक की पहचान एवं जिम्मेदारी से संबंधित आवश्यक विवरण दर्ज होंगे। उन्होंने मुद्रकों को निर्देश दिए कि घोषणा-पत्र प्राप्त करने के बाद ही चुनावी सामग्री का मुद्रण करें तथा निर्धारित संख्या में प्रतियां संबंधित निर्वाचन प्राधिकारियों को उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया का पालन करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुद्रित चुनावी सामग्री के संबंध में आवश्यक सूचना एवं प्रतियां निर्धारित समय-सीमा में जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करवानी होंगी। चुनावी सामग्री के मुद्रण से संबंधित रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से संधारित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसकी जांच की जा सके।

उल्लंघन पाए जाने पर छः माह का कारावास एवं जुर्माना

एडीएम ओझा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन द्वारा चुनाव अवधि में नगर निगम उदयपुर के अतिरिक्त जिले की विभिन्न निकायों में होने वाले चुनावों हेतु मुद्रित होने वाली चुनावी पुस्तिकाओं, पोस्टरों, पेम्फलेट आदि पर भी निगरानी रखी जाएगी। धारा 127-क अथवा निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार छः माह का कारावास अथवा 2 हजार रुपये जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी प्रिंटिंग प्रेस प्रतिनिधियों से कहा कि वे निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें तथा चुनावी सामग्री का मुद्रण करते समय निर्धारित कानूनी प्रावधानों एवं निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें। बैठक में संबंधित अधिकारी एवं शहर के विभिन्न प्रिंटिंग प्रेस के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News