उदयपुर मे विदेशी नागरिकों के ठहरने को लेकर पुलिस सख्त, नियमों के उल्लंघन पर लगेगा 50,000 रुपये का जुर्माना
Udaipur Times, Udaipur News: विदेशी नागरिकों के अवैध प्रवास को रोकने और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उदयपुर पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। पुलिस अधीक्षक, सीआईडी (सीबी) जोन उदयपुर एवं विदेशी पंजीकरण अधिकारी कार्यालय की ओर से उदयपुर शहर के सभी होटल, रिसॉर्ट, गेस्ट हाउस, हॉस्टल और निजी आवास संचालकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
एएसपी तथा विदेशी पंजीकरण अधिकारी डॉ विक्रमसिंह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए अप्रवासन और विदेशी अधिनियम (आदेश) नियम 2025 के तहत नियमों का पालन न करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उक्त अधिनियम के तहत किसी भी विदेशी नागरिक (जिसमें ओआईसी कार्ड धारक, थाईलैंड, नेपाल-भूटान और तिब्बत के नागरिक भी शामिल हैं) को ठहराने से पहले उनका ओरिजिनल पासपोर्ट, वीजा औरओआईसी कार्ड देखना अनिवार्य होगा। मोबाइल या डिजिटल कॉपी दिखाने पर किसी भी विदेशी नागरिक को ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।विदेशी नागरिक के ठहरने की सूचना (ऑनलाइन सी फॉर्म/फॉर्म-तृतीय) निर्धारित 24 घंटे के भीतर संबंधित कार्यालय में देना आवश्यक है।
इसके साथ ही विदेशी नागरिक के चेक आउट होने पर तुरंत ऑनलाइन साइट पर चेक आउट सबमिट करना होगा। लंबी अवधि के पर्यटकों के लिए वीजा पर एक बार में केवल 90 दिनों तक ही रुकने की शर्त होती है, इसका विशेष ध्यान रखा जाए ताकि विदेशी नागरिक ओवरस्टे न कर सकें। यदि किसी विदेशी नागरिक के पासपोर्ट पर अराइवल स्टैम्प कटी हुई हो, या कोई एडवर्स रिमार्क या डिपोर्टेशन की स्टैम्प लगी हो, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस कार्यालय को दी जाए।
डॉ सिंह के मुताबिक पुलिस के संज्ञान में आया है कि कुछ विदेशी नागरिक नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर अनैतिक कार्यों में लिप्त हो जाते हैं। साथ ही, कुछ पर्यटक वीजा पर आकर स्पा या मसाज सेंटर जैसे अन्य व्यावसायिक व अनैतिक कार्यों में शामिल हो जाते हैं।
ऐसा कोई भी मामला सामने आने पर संचालकों को तुरंत पुलिस को सूचित करने का निर्देश दिया गया है। यदि कोई विदेशी नागरिक बिना पासपोर्ट या वैध दस्तावेजों के ठहरने के लिए संपर्क करता है, तो उसे होटल में न ठहराकर तुरंत इसकी जानकारी बिना किसी देरी के पुलिस को देनी होगी।
पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर उक्त अधिनियम की धारा-08 एवं नियम-17 के तहत 50,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। यदि कोई विदेशी नागरिक ओवरस्टे (तय अवधि से ज्यादा रुकना) करता है, तो उससे इसका कारण पूछकर पुलिस को सूचित करने के बाद ही उसे रुकने दिया जाए।