वोटर लिस्ट के SIR में बाधा बना नेटवर्क
उदयपुर 21 नवंबर 2025। ज़िले में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। कई क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क न मिलने के कारण डिजिटाइजेशन का कार्य धीमी गति से चल रहा है। BLO को जानकारी अपलोड करने के लिए पहाड़ियों पर चढ़कर नेटवर्क सिग्नल प्राप्त करना पड़ रहा है।
उदयपुर शहरी और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में नई बसावट वाली कॉलोनियों में सर्वाधिक कठिनाइयाँ सामने आ रही हैं। BLO का कहना है कि जब वे बिखरे घरों तक पहुँचते हैं, तो मतदाता उन्हें यह तक नहीं बता पाते कि वर्ष 2002 में उनका या उनके परिवार का नाम किस मतदान केंद्र पर था। BLO परिवार से मतदान केंद्र का नाम पूछते हैं, जिससे वे नाम खोजकर डिजिटाइजेशन कर सकें।
सलूंबर जिले के लसाड़िया उपखंड क्षेत्र में कुल 69,888 मतदाताओं में से अब तक 30,417 का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। लेकिन डिजिटाइजेशन ऐप न चलना और नेटवर्क की अनुपलब्धता बड़ी चुनौती बनी हुई है। BLO को कई स्थानों पर घरों से काफी दूर जाकर गणना प्रपत्र वितरित और एकत्रित करने पड़ रहे हैं।
धार, मायदा, कालाखेत, खोखरिया, वलिया खेड़ा, कुंडा और रमीणा जैसे गांवों में नेटवर्क समस्या गंभीर है। इनमें कई गांव सीतामाता अभयारण्य से सटे हैं तथा जनजाति बाहुल्य क्षेत्र होने से भौगोलिक चुनौतियाँ भी अधिक हैं।
उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार, तहसीलदार रामजी लाल गुर्जर और अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। तहसीलदार ने BLO से नेटवर्क की समस्या और कार्य प्रगति की जानकारी ली।
सलूंबर जिले में SIR के दौरान अब तक 1 लाख 49 हजार से अधिक मतदाताओं के गणना प्रपत्र अपलोड हो चुके हैं। जिले में कुल 3,00,064 मतदाताओं में से 99.57 प्रतिशत को गणना प्रपत्र घर-घर पहुंचा दिए गए हैं। बुधवार शाम 4 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 1,49,750 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।
ऑनलाइन परिगणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया अब और आसान कर दी गई है। यदि मतदाता या उनके माता, पिता, दादा-दादी का नाम वर्ष 2002 की एसआईआर मतदाता सूची में दर्ज है, तो वह ऑनलाइन अपना परिगणना प्रपत्र भर सकते हैं। इसके लिए 2002 की मतदाता सूची में निर्वाचन क्षेत्र का नाम, भाग संख्या और क्रम संख्या दर्ज करनी होती है।
उदयपुर जिले की सभी विधानसभाओं के वर्ष 2002 की मतदाता सूची में नाम खोजने के लिए जिला प्रशासन ने एक यूआरएल जारी किया है। इसके माध्यम से मतदाता पुराने EPIC नंबर, नाम या पिता के नाम के आधार पर 2002 की सूची में अपनी प्रविष्टि खोज सकते हैं।
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