पहाड़ उदयपुर की जीवन रेखा, कटाई पर यूआईटी सख्ती करे: कलेक्टर

उदयपुर में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित पहाड़ी उपनियमों के तहत किसी भी प्रकार की इमारतों, रिसॉर्ट और मोटल आदि के निर्माण की अनुमति नहीं देने के आदेश दिए

 | 
deforestation

राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जिला कलेक्टर अरविंद कुमार पोसवाल ने पहाड़ों की अंधाधुंध अवैध कटाई पर नकेल कसने के लिए यूआईटी के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर पोसवाल ने बताया कि उन्होंने यूआईटी सचिव सावन कुमार को निर्देश दिए हैं कि वे पहाड़ों की अवैध कटाई के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें। पहाड़ और झील उदयपुर की जीवन रेखा हैं। पहाड़ों-झीलों के सौंदर्य से पर्यटन उद्योग को गति मिल रही है। मानव जीवन के लिए भी पहाड़-जंगल का विशेष महत्व है। पहाड़ों की अवैध कटाई पर नकेल कसने के लिए नए नियम भी बनाए जा रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि पिछले 10 सालों से पहाड़ों का सीना छलनी किया जा रहा है।

इस मामले में गत 25 अगस्त को हाईकोर्ट जस्टिस विजय विश्नोई व जस्टिस योगेन्द्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने उदयपुर में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित पहाड़ी उपनियमों के तहत किसी भी प्रकार की इमारतों, रिसॉर्ट और मोटल आदि के निर्माण की अनुमति नहीं देने के आदेश दिए।

कोर्ट ने सरकार को मौजूदा पहाड़ी उपनियमों को री-फ्रेम करने या संशोधन करने की स्वतंत्रता दी है, लेकिन उनको अधिसूचित करने से पहले हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी। अब इस पर काम किया जा रहा है। बता दें, शहर की झीलों और पहाड़ों को लेकर हाईकोर्ट भी समय-समय पर सख्ती दिखाते हुए सरकार को निर्देश दे चुका है।
 

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News