एशिया का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्टेशन मॉडल रूम उदयपुर के ZRTI की है शान

यह सिर्फ एक मॉडल रूम नहीं बल्कि भारत में रेलवे के क्रमिक विकास का जीता जागता नमूना है
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Transportation model room at ZRTI Udaipur showcasing 17-station railway signaling system

उदयपुर 15 फ़रवरी 2026 । शहर के बीचों-बीच हरी-भरी हरियाली से आच्छादित 150 एकड़ ज़मीन पर कलात्मक ढंग से बनाया गया बगीचा, शानदार आर्क के आकार की बिल्डिंग और सुखद कैंपस लेआउट से सुसज्जित ज़ोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ZRTI) उदयपुर में रेलवे ट्रेनी को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने के लिए अलग अलग डिपार्टमेंट जैसे ट्रांसपोर्टेशन, कमर्शियल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इंजीनियरिंग तथा संकेत एवं दूरसंचार के 6 मॉडल रूम है। इन्ही 6 मॉडल रूम में रेलवे सिगनलिंग सिस्टम को प्रदर्शित करने वाला एक मॉडल रूम, जो कि एशिया का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्टेशन मॉडल रूम है। 

asia largest transport model room at ZRTI Udaipur

ZRTI के प्राचार्य जय प्रकाश ने Udaipur Times को बताया कि 1956 में निर्मित इस ट्रांसपोर्टेशन मॉडल रूम में अजमेर संकेत कारखाना द्वारा 45mm गेज की 1328 मीटर रेल पथ है। जिस पर रेल विकास क्रम के अनुसार 17 स्टेशनो वाला रेलवे परिवहन का मॉडल रूम बनाया गया है। इसका उद्घाटन भी ZRTI के उद्घाटन के साथ ही 9 अक्टूबर, 1956 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौजूदगी में किया था। 

Asia's largest transport model room, at ZRTI Udaipur

उक्त मॉडल रूम में रेलवे सिगनलिंग के विकास क्रम के हिसाब से सभी प्रकार की सिगनलिंग सिस्टम को प्रदर्शित किया गया है, जो कि चालु अवस्था में है।  इस मॉडल रूम में सिगनलिंग की शुरूआती नॉन इंटरलॉकिंग प्रणाली से आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली तक के कार्यशील मॉडलों को दर्शाया गया है। प्रशिक्षणार्थी इस मॉडल पर रेल संचालन की बारीकियों को टेबल पर मॉडल के रूप में प्रशिक्षण के दौरान प्रायोगिक तौर पर सीखते हैं । देखा जाए तो यह सिर्फ एक मॉडल रूम नहीं बल्कि भारत में रेलवे के क्रमिक विकास का जीता जागता नमूना है। 

ZRTI उदयपुर में एशिया के सबसे बड़ा ट्रांसपोर्टेशन मॉडल रूम के अतिरिक्त आधुनिक और लेटेस्ट ओपेरटिंग VDU (Visual Display unit) भी है जो की मॉडर्न सिगनलिंग सिस्टम है यह मॉडल रूम पूरी तरह से कम्पूटराइज़्ड है। यह वहीँ सिस्टम है जहाँ से स्टेशन मास्टर ट्रेन को कंट्रोल करते है।  

VDU room ZRTI Udaipur

इंस्टिट्यूट परिसर में एक इंजीनियरिंग और कर्षण वितरण (इलेक्ट्रिकल) डिपार्टमेंट के लिए एक डेमोंस्ट्रेशन यार्ड भी मौजूद है जहाँ सीधी ट्रैक, क्रॉस ट्रैक, समपार फाटक, सिगनल सिस्टम और शिरोपरि उपस्कर (OHE) मौजूद है वहीँ IT ट्रेनी के लिए रेलवे IT सॉफ्टवेयर वाला कंप्यूटर रूम एवं लैब भी उपलब्ध है।  

ZRTI Udaipur

ZRTI उदयपुर के बारे में संक्षिप्त जानकारी

ZRTI में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे, वेस्टर्न रेलवे और वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे से लगभग हर माह हज़ारो प्रशिक्षणार्थियो को रेलवे के विभिन्न विभागों का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह इंस्टीट्यूट शुरू में 1957-58 में 600 ट्रेनी के साथ शुरू हुआ था, अब 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 14,633 हो गई।

ZRTI Udaipur

वेस्टर्न रेलवे के 6 डिवीजनों, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के 4 डिवीजनों और वेस्ट सेंट्रल रेलवे के कोटा डिवीजन के लिए चार तरह के कोर्स चलाता है, जैसे शुरुआती, प्रमोशनल, रिफ्रेशर और स्पेशल कोर्स। नए रिक्रूट्स या प्रमोट हुए स्टाफ के लिए इंडक्शन और प्रमोशन स्टेज पर शुरुआती और प्रमोशनल कोर्स करवाए जाते हैं, ताकि वे अपनी मौजूदा या भविष्य की नौकरियों में ठीक से काम कर सकें। 

ट्रेन ऑपरेशन और टेक्निकल काम वगैरह से जुड़े स्टाफ के लिए रेगुलर तय समय पर रिफ्रेशर कोर्स करवाए जाते हैं, ताकि सुरक्षा की भावना, आत्मविश्वास को लगातार मज़बूत किया जा सके और इस दौरान नियमों, प्रक्रियाओं और सिस्टम में ज़रूरी चीज़ों और लेटेस्ट बदलावों/संशोधनों को दोहराकर उनकी कार्यक्षमता में सुधार किया जा सके।

ZRTI Udaipur

खास डिपार्टमेंट के लिए स्पेशल कोर्स के साथ-साथ मैनेजमेंट, कस्टमर केयर, डिजास्टर मैनेजमेंट और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे मल्टी-डिसिप्लिनरी कोर्स भी करवाए जाते हैं।

ऊपर बताए गए कोर्स के अलावा, यह इंस्टीट्यूट RITES के ज़रिए स्पॉन्सर किए गए विदेशी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी कोर्स करवाता है। DFCCIL, DMRC, JMRC, NMRC, CONCOR, IRCON, RVNL, KRCL, IRCTC, Adani Port जैसे पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के संगठन भी अपने कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए इसी इंस्टीट्यूट को पसंद करते हैं। संस्थान भारतीय रेल प्रबंधन सेवा के अधिकारियों को भी आधारभूत परिवहन का प्रशिक्षण देता या रहा है एवं प्रतिवर्ष यहाँ अधिकारी प्रशिक्षु आते हैं |

ZRTI Hostel

इंस्टीट्यूट का मुख्य उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों में सही सोच, कौशल, ज्ञान, कुल मिलाकर कार्यकुशलता और पेशेवर काबिलियत विकसित करना है। इसके लिए, ट्रेनिंग एक्टिविटीज़ को सुचारू रूप से चलाने के लिए, इंस्टीट्यूट में 6 राजपत्रित फैकल्टी, 42 अराजपत्रित फैकल्टी तथा 37 अन्य ग्रुप 'C' स्टाफ है। इसमें 32 लेक्चर रूम है जिनकी औसत क्षमता 35 ट्रेनी है। 9 हॉस्टल हैं जिनकी सामान्य क्षमता 1035 है। 12000 किताबो वाली लाइब्रेरी और रीडिंग रूम के अलावा आलावा मेस सुविधा, स्पोर्ट्स की सुविधा, योग केंद्र, हेल्थ यूनिट, मीटिंग रूम, कॉन्फ्रेंस हॉल मौजूद है। संस्थान में अत्याधुनिक जिमनेशियम (जिम) है जो कि भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया गया है | साथ ही संस्थान में एक अत्याधुनिक भोजनशाला (स्वास्थयम् किचन) है जहां खाना बनाने कि आधुनिक मशीनों से स्वास्थ्यवर्धक शुद्ध खाना प्रशिक्षणार्थियों को उपलब्ध कराया जाता है इस भोजनालय में बर्तन साफ करने का कार्य भी आधुनिक मशीन से ही किया जाता है |

ZRTI Udaipur

इसके अतिरिक्त इस परिसर में मौजूद ऑडिटोरियम भारतीय रेलवे का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम हॉल जिसकी क्षमता 800 लोगों की है। यह ऑडिटोरियम कई समारोहों और कॉन्फरेंसेज़ का गवाह रहा है। कैंपस में बिना रुकावट बिजली देने के लिए 210 KWP क्षमता का रूफ टॉप सोलर प्लांट भी मौजूद है। 

ZRTI Udaipur
Auditorium  Hall

पूर्व में इंस्टीट्यूट हर साल लाखों रुपये खर्च करके पानी के टैंकरों से पानी लेता था। जब से 2 करोड़ लीटर पानी की क्षमता वाला रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया गया है, तब से पानी खरीदने पर होने वाले भारी खर्च की बचत हुई है। यह आस-पास के इलाकों में पानी का लेवल बढ़ाने में भी फायदेमंद है। संस्थान में नव निर्मित मैस भवन में वाटर हार्वेस्टिंग कि उचित व्यवस्था कि गई है |

संस्थान ने कोविड-19 महामारी के दौरान सेफ्टी और नॉन-सेफ्टी कैटेगरी के लगभग 12 हज़ार से अधिक कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी, जिससे ट्रेन संचालन सुचारू और सुरक्षित रूप से चलाने में मदद मिली। प्रशिक्षित कर्मचारियों ने कोविड महामारी के कारण पैदा हुई प्रतिकूल स्थिति को कम करने के लिए मालगाड़ियों, श्रमिक स्पेशल, ऑक्सीजन स्पेशल आदि के निर्बाध संचालन में भी योगदान दिया।

संस्थान को क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा 'A' ग्रेड सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है और भारतीय रेलवे के सभी ZRTIs में शीर्ष स्थान पर रखा गया है। संस्थान को सर्वश्रेष्ठ '5-S' प्रथाओं के अनुपालन के लिए प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया है। गत वर्ष संस्थान को क्षमता निर्माण आयोग भारत सरकार द्वारा प्रशिक्षण गुणवत्ता, प्रक्रियाओं एवं आधारभूत ढांचे कि स्वतंत्र ऑडिट कि गई जिसमे संस्थान को लोकसेवकों के प्रशिक्षण के मापदंडों खरा पाए जाने पर “अति उत्तम” रेटिंग प्रदान कि गई | क्षमता निर्माण आयोग से रेटिंग पाने वाला यह भारतीय रेलवे का पहला क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान 

ज़ोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, उदयपुर का इतिहास 

रेलवे के इतिहास में एक शानदार अध्याय की शुरुआत के साथ इस इंस्टीट्यूट की नींव 25 मार्च, 1955 को उदयपुर के महाराणा महाराजा श्री भूपाल सिंह जी बहादुर ने रखी थी, जिसका उद्घाटन बाद में 9 अक्टूबर, 1956 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था। उस समय के भारतीय रेलवे के केंद्रीय मंत्री लाल बहादुर शास्त्री भी इस उद्घाटन के गवाह थे।

ZRTI Udaipur

शुरुआत में यह इंस्टीट्यूट अजमेर के बिसेट इंस्टीट्यूट के कैंपस में शुरू हुआ था, जब रेलवे ऑर्गनाइज़ेशन ब्रिटिशर्स द्वारा मैनेज किया जाता था और भारत की अलग-अलग रियासतों के पास इसका मालिकाना हक था। इसका नाम रेलवे ट्रैफिक स्कूल (RTS) रखा गया था। इसके बाद 1952 में इसे उदयपुर के मौजूदा गार्डन होटल में मेवाड़ के शाही परिवार की एक बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया और इसका नाम बदलकर ज़ोनल ट्रेनिंग स्कूल (ZTS) कर दिया गया। 

ZRTI Udaipur

बाद में, सभी रेलवे कर्मचारियों को मल्टी-डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग देने के लिए इसे 9 अक्टूबर, 1956 को मौजूदा बड़े कैंपस में शिफ्ट कर दिया गया। 1992 में इसका नाम बदलकर ज़ोनल ट्रेनिंग सेंटर (ZTC) कर दिया गया और फिर 2003 में दोबारा ज़ोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ZRTI) कर दिया गया।

ZRTI Udaipur

यह इंस्टीट्यूट झीलों के शहर की खूबसूरती के हिसाब से बनाया गया है, यहाँ शांतिपूर्ण माहौल में गहन ट्रेनिंग के लिए अच्छा माहौल है, जहाँ ट्रेनी आना पसंद करते है। इंस्टीट्यूट का कैंपस शहर के ग्रीन हब और ऑक्सीजन हब के नाम से जाना जाता है, जिसमें 11000 से ज़्यादा पेड़ हैं।