नामकरण पट्टिका खुद बयां कर रही है अपनी दुर्दशा

एक शानदार लोकेशन पर बना बनाया पार्क सिर्फ रखरखाव के अभाव में अपनी चमक खोता जा रहा है।
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उदयपुर 18 जनवरी 2026। दूध तलाई के पास मछला मगरा पहाड़ी पर स्थित एक शांत सार्वजनिक पार्क जिनका नामकरण राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेसी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी माणिक्य लाल वर्मा के नाम पर किया था। आज अपनी दुर्दशा पार्क में लगी नामकरण पट्टिका के ज़रिये खुद ही बयां कर रहा है। 

Manikya lal verma park udaipur

खूबसूरत और प्राइम लोकेशन पर स्थित होने के माणिक्यलाल वर्मा पार्क राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी के चलते गुमनाम होकर रह गया है। 

Manikya Lal Verma Park udaipur

पार्क में फव्वारे बंद पड़े हैं। रखरखाव के अभाव में कलात्मक पुतलियां आकर्षण खोती जा रही हैं। एक शानदार लोकेशन पर बना बनाया पार्क सिर्फ रखरखाव के अभाव में अपनी चमक खोता जा रहा है।

Manikya Lal verma Park

2006 में नगर परिषद के तत्कालीन सभापति रविंद्र श्रीमाली के कार्यकाल में पार्क में अमृता देवी हर्बल वाटिका विकसित की गई, लेकिन श्रीमाली का कार्यकाल पूरा होने के बाद परिषद ने नजरें फेर लीं। इस कारण वाटिका उजड़ गई। कांग्रेस के राज में भी यह पार्क उपेक्षित ही पड़ा रहा।

Manikya lal verma park
बंद पड़ा फव्वारा 

माणिक्य लाल वर्मा पार्क दूध तलाई के पास मछला मगरा पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। जहाँ से दूध तलाई और पिछोला झील और आसपास की पहड़ियों का मनोरम दृश्य खासकर  सूर्यास्त के समय अवलोकन करने का एक अलग ही आनंद है। 

view of pichola from manikya lal verma park
माणिक्य लाल वर्मा पार्क से पिछोला झील का मनोरम दृश्य 

किसी ज़माने में हरियाली और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध इस पार्क में जहाँ स्थानीय लोग वीकेंड और रविवार को पिकनिक और सैर के लिए आते थे और पर्यटन सीज़न में सैलानी भी यहाँ खूब आते थे ऐसा नहीं कि आजकल यहाँ सैलानी नहीं आते है। सैलानी और स्थानीय लोग अभी भी यहाँ आते तो है लेकिन बंद पड़े फव्वारे, कभी इस पार्क में एक लंबी नहर जिसमे आजकल पानी की जगह मिट्टी एयर सूखे पत्तो को देखकर खुश तो नहीं ही होते होंगे। 

Manikya lal verma park
कभी यहाँ झरने के रूप मे पानी बहा करता था 

पार्क में चना जोर गरम विक्रेता ने बताया की अभी भी दिन 100 से 150 पर्यटक और स्थानीय लोग यहाँ आ आते है यह संख्या वीकेंड में बढ़ जाती है हालाँकि यहाँ आने वाले पर्यटकों में अधिक संख्या नव निर्मित ज़िप लाइन में जाने की होती है वहीँ स्थानीय लोग करणी माता मंदिर के दर्शन हेतु आते है।  

Manikya Lal Verma Park Udaipur
घास, दुब या हरियाली का कहीं नाम ओ निशान नहीं

कहने को अभी भी यहाँ बगीचे, फव्वारे, बच्चों के लिए झूले और खेलने की जगहें मौजूद है लेकिन बगीचों में घास, दुब या हरियाली का कहीं नाम ओ निशान नहीं।  बैठने के लिए  पत्थर की बेंचे है हालाँकि कुछ बेंचे अपने अंतिम समय का इंतज़ार कर रही है।  

Manikya Lal Verma park udaipur

सुविधा के नाम पर एक प्याऊं ज़रूर है। जबकि शौचालय के नाम पर नगर निगम का एक कियोस्क मौजूद है जिसकी हालत भी कुछ ख़ास अच्छी नहीं। पार्क में एक कैफ़े और एक खाने पीने के पैक्ड फ़ूड की एक छोटी दुकान मौजूद है।

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